शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही चित्तौड़गढ़ में धार्मिक माहौल भक्तिमय हो गया। नवरात्रि के पहले दिन रविवार को दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर में सुबह होने से पहले ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच गए। देर रात से ही मंदिर के बाहर कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सुबह 4 बजे मंगला आरती के लिए मंदिर के पट खुलते ही माता के जयकारों से दुर्ग क्षेत्र गूंज उठा। जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह 4 बजे मंगला आरती, रात 10 बजे बंद होंगे पट नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में पूजा-अर्चना निर्धारित समय के अनुसार शुरू हुई। सुबह 4 बजे मंगला आरती के लिए करीब 10 मिनट तक मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद कुछ समय के लिए दर्शन रोके गए। सुबह 5:30 बजे श्रृंगार आरती के लिए फिर पट खोले गए और सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती हुई। सुबह 10 बजे माता को बाल भोग लगाया गया। शाम 6:30 बजे संध्या आरती होगी और रात 9 बजे भोग लगाया जाएगा। इसके बाद रात 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालु सुबह 5:30 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित दर्शन व्यवस्था के अनुसार माता के दर्शन कर सकेंगे। भीड़ बढ़ने पर खोला जाएगा मंदिर का पिछला रास्ता मंदिर के महंत राम नारायण पुरी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए इस बार भी आने और बाहर निकलने के रास्ते अलग-अलग रखे गए हैं, ताकि भीड़ का आवागमन सुचारु बना रहे। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर मंदिर का पिछला रास्ता भी खोला जाएगा। ट्रस्ट की ओर से पेयजल और छाया की व्यवस्था की गई है। दुर्ग क्षेत्र में बड़ी गाड़ियों की आवाजाही मंदिर से पहले ही रोक दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को रास्ते में परेशानी नहीं हो। ज्वेलरी की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल तैनात नवरात्रि के दौरान मंदिर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। माता के आभूषणों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल तैनात किए गए हैं। किला चौकी पुलिस, होमगार्ड और मंदिर के कर्मचारी लगातार व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर सकें। जिले के अन्य शक्तिपीठों में भी शुरू हुई आराधना कालिका माता मंदिर के साथ जिले के अन्य प्रमुख शक्तिपीठों में भी नवरात्रि की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। पांडोली स्थित झांतला माता मंदिर में अमावस्या के दिन ही घटस्थापना की गई थी। यहां लकवा से पीड़ित मरीज भी दो दिन पहले से पहुंचने लगे थे। मान्यता के अनुसार, कई मरीज नौ दिनों तक मंदिर परिसर में रहकर माता की आराधना करते हैं। इसके अलावा आवरी माता, आसावरा माता, जोगणियां माता, सगरा माता, लालबाई फूलबाई माता और मरमी माता मंदिरों में भी घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय पूजा शुरू हो गई है। इन मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। नौ दिनों तक मंदिरों में रहेगी भक्तों की रौनक नवरात्रि के पहले दिन से ही चित्तौड़गढ़ के मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है। अगले नौ दिनों तक धार्मिक आयोजन और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहेगा। श्रद्धालु माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और मंदिर ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाएं बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। फोटो-वीडियो क्रेडिट – पवन बैरागी

