झांसी में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को शहर में आस्था का सैलाब उमड़ा। खटीक मोहल्ले की ऐतिहासिक काली माता की शोभायात्रा नंदनपुरा से शुरू होकर करीब पांच किलोमीटर का रास्ता तय कर खटीक मोहल्ला पहुंची। रास्ते में सड़क के दोनों तरफ हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए खड़े रहे। भक्तों ने दर्शन कर मनोकामनाएं मांगीं। सुबह 9 बजे प्रतिमा पंडाल पहुंची तो जयकारों से स्वागत किया गया। वहीं, प्राचीन पंचकुइयां मंदिर में भी सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां श्रद्धालु करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन में लगकर जल चढ़ाने पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस तैनात रही और ड्रोन से निगरानी की गई। पुराने शहर में यातायात व्यवस्था बदलने के साथ तीन और चार पहिया वाहनों की एंट्री पर भी रोक लगाई गई। कंधों पर उठाकर लाई गई प्रतिमा खटीक मोहल्ले में स्थापित होने वाली ऐतिहासिक काली माता की प्रतिमा को लेने के लिए रविवार सुबह 4 बजे ही आयोजक नंदनपुरा पहुंच गए थे। यहां माता का श्रृंगार किया गया और पहली आरती हुई। इसके बाद शोभायात्रा शुरू हुई। युवाओं ने प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया और जयकारों के साथ आगे बढ़े।
शोभायात्रा सीपरी बाजार, पंडित विश्वनाथ शर्मा सेतु, इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहा, पुरानी तहसील, खंडेराव गेट, पंचकुइयां, कोतवाली, गंदीगर का टपरा और नरिया बाजार होते हुए खटीक मोहल्ला पहुंची। करीब पांच किलोमीटर लंबे रास्ते पर जगह-जगह श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए खड़े रहे। भीड़ के चलते मार्ग पर जाम की स्थिति भी बनी। सुबह 9 बजे प्रतिमा पंडाल पहुंची, जहां भक्तों ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया। पंचकुइयां मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
नवरात्र के पहले दिन सुबह 5 बजे से ही शहर के मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटने लगी। प्राचीन पंचकुइयां मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में जल चढ़ाने और दर्शन करने के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए माता के दर्शन करते रहे।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध, ड्रोन से निगरानी
नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। पंचकुइयां मंदिर पर पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित करने और भीड़ नियंत्रित करने में जुटे रहे। वहीं, मंदिर परिसर में ड्रोन के जरिए निगरानी की गई। तीन और चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक काली माता की शोभायात्रा और पंचकुइयां मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुराने शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के लिए संबंधित मार्गों पर तीन और चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस की भी तैनाती की गई। भक्त बोले, माता के दर्शन पाने 2 घंटे से खड़े हैं सीपरी बाजार के चित्रा चौराहा पर रोड के किनारे खड़ीं सुमन दर्शन के दो घंटे तक इंतजार किया। उन्होंने बताया कि वह हर साल माता की शोभायात्रा में शामिल होने पहुंचती हैं। बोलीं माता के दर्शन पाकर बहुत अच्छा लगा। हम विसर्जन में भी हर साल जाते हैं। मुकेश कुशवाहा भी पिछले 3 घंटे से माता के दर्शन के इंतजार में खड़े रहे। उन्होंने बताया कि बचपन से उनकी आस्था माता काली से जुड़ी है। बोले काली माता के दर्शन से उन्हें बहुत शांति मिलती है। बताया कि वह हर दिन खटीक मोहल्ला में पहुंचकर आरती में शामिल होते हैं।

