खंडवा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सात आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने विभिन्न अपराधों में शामिल तीन आरोपियों को एक-एक साल के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। इन आरोपियों को खंडवा के साथ बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बैतूल, हरदा और इंदौर जिले की सीमाओं से भी बाहर रहना होगा। वहीं, चार अन्य आरोपियों को अगले एक साल तक किसी भी अपराध में शामिल नहीं होने की शर्त पर बंधपत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। इनमें तीन आरोपियों को एक-एक लाख और एक आरोपी को दो लाख रुपए का बंधपत्र जमा करना होगा। चारों को संबंधित थाने में हर महीने के पहले और आखिरी सोमवार को उपस्थित होकर हाजिरी भी दर्ज करानी होगी। तीन आरोपियों को एक साल तक जिले में प्रवेश पर रोक जिला बदर किए गए आरोपियों में भुरू उर्फ इल्ली उर्फ अकील निवासी रामेश्वर टेकड़ा, थाना मोघट रोड, सोहेल उर्फ अंडा निवासी इमलीपुरा, थाना मोघट रोड और पप्पू पिता कैलाश घाटे निवासी ग्राम टेमीकला, थाना छैगांवमाखन शामिल हैं। तीनों को एक-एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर किया गया है। इस दौरान वे खंडवा जिले में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। साथ ही बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बैतूल, हरदा और इंदौर जिलों की सीमा में भी उनका प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। चार आरोपियों को बंधपत्र जमा करने के निर्देश जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार जीतसिंह टांक सिकलीकर निवासी इनपुन, थाना मांधाता, शहजाद पिता शकील खान निवासी रामेश्वर टेकड़ा, थाना मोघट रोड और निगम पटेल पिता पंढरी पटेल निवासी जैन कुआ, संजय नगर, थाना पदमनगर को एक-एक लाख रुपए के बंधपत्र प्रस्तुत करने होंगे। वहीं, अशफाक पिता आरिफ सिगढ़ निवासी मुजाद खां के इमामबाड़े के पास, कहारवाड़ी, थाना कोतवाली को दो लाख रुपए का बंधपत्र जमा करने का आदेश दिया गया है। चारों को बंधपत्र के माध्यम से अगले एक साल तक किसी भी अपराध में शामिल नहीं होने का आश्वासन देना होगा। इसके साथ ही संबंधित थाने में हर महीने के पहले और आखिरी सोमवार को उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज करानी होगी। निगरानी और कानून-व्यवस्था के लिए कार्रवाई प्रशासन ने इन आदेशों के जरिए सात आरोपियों पर अलग-अलग प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। तीन आरोपियों को जिला बदर कर खंडवा और आसपास के छह जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि चार आरोपियों पर बंधपत्र और नियमित थाने में हाजिरी की शर्त लागू की गई है। प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखना और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

