सेना की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सेना तक पहुंचाने के आरोप में फरीदकोट की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामले में भारत-चीन सीमा पर तैनात दो सैन्यकर्मियों को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ ऑफिसियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान हरिंदरा नगर निवासी गुरनूर सिद्धू के रूप में हुई है। वहीं, नामजद अन्य आरोपियों की पहचान सैन्यकर्मी मोगा के गांव खुखराना निवासी दिलप्रीत सिंह पुत्र गुरजंट सिंह और तरनतारन के गांव रसूलपुर निवासी राजबीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह के रूप में हुई है। तीनों ने एक गिरोह बनाया हुआ था
पुलिस के अनुसार थाना एसएसओसी फाजिल्का के एसएचओ इंस्पेक्टर सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस पार्टी 8 अक्टूबर 2026 को फिरोजपुर इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान रुकना बेगू पुल सेम नाला के पास दोपहर करीब चार बजे सूचना मिली कि उक्त तीनों ने एक गिरोह बनाया हुआ है। ISI और पाकिस्तानी सेना से संबंध
उनके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI तथा पाकिस्तानी सेना से संबंध हैं। सूचना के अनुसार, दिलप्रीत सिंह और राजबीर सिंह सेना में तैनात होने का लाभ उठाकर भारतीय सैन्य क्षेत्रों एवं छावनियों से संबंधित गोपनीय और महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र करते थे। ऐसे पाकिस्तान तक पहुंचाई जाती थीं सूचनाएं
ये सूचनाएं महिला साथी गुरनूर सिद्धू के माध्यम से मोबाइल फोन, टैब और इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान तक पहुंचाई जाती थीं। सूचना मिली थी कि गुरनूर सिद्धू फिरोजपुर के किला चौक से हुसैनीवाला बॉर्डर रोड की ओर रेलवे फाटक के पास निर्माणाधीन पुल के नजदीक मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गुरनूर सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया। अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। महिला ने जाली दस्तावेज तैयार करवाए हुए हैं
सूत्रों के अनुसार, असल में यह महिला मूल रूप से फिरोजपुर की निवासी है और उसने फरीदकोट की निवासी होने के जाली दस्तावेज तैयार करवाए हुए हैं। फरीदकोट की खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भी मामले की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने फरीदकोट सैन्य छावनी की कोई जानकारी तो पाकिस्तान नहीं भेजी है।

