सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर मेरठ में विपक्षी नेता हाउस अरेस्ट:विपक्ष ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या

सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर मेरठ में विपक्षी नेता हाउस अरेस्ट:विपक्ष ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को होने वाले सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर मेरठ में भी पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रदर्शन के मद्देनजर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कई विपक्ष के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। पुलिस-प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है। आजाद अधिकार सेना के प्रदेश महासचिव मास्टर अब्दुल अजीज को भी शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सुदीप जैन, सपा नेता शैंकी वर्मा और सपा पार्षद प्रदीप कसाना को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए मेरठ में भी राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विपक्षी नेताओं को घरों में नजरबंद किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेताओं का कहना है कि उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया है। विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। रात 10:30 बजे मास्टर अब्दुल अजीज को किया नजरबंद आजाद अधिकार सेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल ‘हमारा अभियान, हर घर संविधान’ और ‘अन्याय मिटाओ-अधिकार जगाओ’ अभियान के तहत 10 अक्टूबर को दिल्ली जाने वाला था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की मजबूती से जुड़े मुद्दों को उठाना था। संगठन का आरोप है कि प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली जाने से रोकने के उद्देश्य से प्रदेश महासचिव मास्टर अब्दुल अजीज को शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। मास्टर अब्दुल अजीज ने कहा कि जनता के अधिकारों और न्याय के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संगठन प्रतिबद्ध है और किसी भी दबाव से उनके हौसले कमजोर नहीं होंगे। आजाद अधिकार सेना ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। सुदीप जैन और सपा नेताओं को भी किया नजरबंद मेरठ में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सुदीप जैन को भी हाउस अरेस्ट किया गया है । वहीं, सपा नेता और मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा तथा सपा पार्षद प्रदीप कसाना भी नजरबंद है। इन नेताओं को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान या कार्रवाई का विस्तृत कारण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी। वीडियो कॉल पर आंदोलन में शामिल होने की अपील इस बीच चर्चित चेहरा हुदा जरीवाल ने वीडियो कॉल के जरिए शैंकी वर्मा और स्टूडेंट सेवा समिति के करार हुसैन से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने दोनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद पारचा की ओर से कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। बताया गया कि आंदोलन के दौरान किसी को कानूनी मदद की जरूरत पड़ने पर महमूद पारचा की टीम सहायता करेगी। विपक्ष ने कार्रवाई पर उठाए सवाल विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। इसके बावजूद नेताओं को घरों में नजरबंद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। नेताओं ने पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विरोध की आवाज को दबाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। पुलिस-प्रशासन अलर्ट वहीं, जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए मेरठ में पुलिस-प्रशासन सतर्क है। किसी भी तरह की अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए निगरानी रखी जा रही है। विपक्षी नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजर है।

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