दरभंगा के अलीनगर प्रखंड के किरतपुर प्राइमरी स्कूल के जर्जर भवन को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। जर्जर भवन में 191 बच्चों के पढ़ने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। भवन का एक पिलर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। उसकी जगह नया पिलर बनाने के बजाय बेंच-डेस्क और ईंटों के सहारे छत को अस्थायी रूप से टिकाया गया था। इसी हिस्से के नीचे से बच्चों का आना-जाना होता था। वहीं बैठकर भोजन भी करते थे। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। जर्जर स्थिति को लेकर भास्कर ने प्रमुखता से खबर दिखाई थी। भवन गिराने की 2 तस्वीरें… बारिश में टपकती थी छत समस्या केवल एक पिलर के क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं थी। छत से बारिश के दौरान पानी टपकता था। कई जगहों पर प्लास्टर उखड़ चुका था, जबकि बीम और पिलर में सरिया बाहर दिखाई दे रहा था। खराब स्थिति के बावजूद बच्चे इसी परिसर में पढ़ने को मजबूर थे। यहां क्लास एक से पांच तक की पढ़ाई होती थी। करीब 191 बच्चों के लिए महज दो कमरे उपलब्ध थे। इनमें से एक कमरे का इस्तेमाल कार्यालय के रूप में होता था, जबकि दूसरे में एक साथ तीन कक्षाओं का संचालन किया जाता था। जगह की कमी के कारण अन्य कक्षाओं के बच्चों को बरामदे या खुले स्थान में बैठाना पड़ता था। 5 अक्टूबर से गोसवा मध्य विद्यालय में हो रही पढ़ाई मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने की व्यवस्था की। इसके तहत 5 अक्टूबर से किरतपुर प्राथमिक विद्यालय की कक्षाओं को मध्य विद्यालय गोसवा में संचालित करने का निर्देश दिया गया और स्कूल को वहां शिफ्ट कर दिया गया। अब पुराने भवन को भी ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ने के जोखिम से दूर करने की दिशा में कदम उठाया गया है। हालांकि, बच्चों की पढ़ाई फिलहाल दूसरे विद्यालय में संचालित हो रही है, इसलिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत बनी हुई है। भवन गिराने से पहले की 3 तस्वीरें…
विधानसभा तक पहुंचा था भवन का मामला जर्जर भवन का मामला स्थानीय स्तर पर कई बार उठाया गया था। ग्रामीणों और अभिभावकों ने भवन की स्थिति को लेकर शिकायतें की थी और नए भवन के निर्माण की मांग की थी। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, मामला विधानसभा तक भी पहुंचा था। इसके बाद इसे ध्वस्त कर नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की बात सामने आई थी। अब नए भवन के निर्माण का इंतजार अब सबसे बड़ा सवाल नए स्कूल भवन के निर्माण को लेकर है। 191 बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरों और सुरक्षित परिसर की जरूरत है। फिलहाल कक्षाएं मध्य विद्यालय गोसवा में संचालित हो रही हैं, लेकिन नए भवन का निर्माण कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, इसकी समय सीमा स्पष्ट नहीं है। दरभंगा के अलीनगर प्रखंड के किरतपुर प्राइमरी स्कूल के जर्जर भवन को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। जर्जर भवन में 191 बच्चों के पढ़ने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। भवन का एक पिलर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। उसकी जगह नया पिलर बनाने के बजाय बेंच-डेस्क और ईंटों के सहारे छत को अस्थायी रूप से टिकाया गया था। इसी हिस्से के नीचे से बच्चों का आना-जाना होता था। वहीं बैठकर भोजन भी करते थे। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। जर्जर स्थिति को लेकर भास्कर ने प्रमुखता से खबर दिखाई थी। भवन गिराने की 2 तस्वीरें… बारिश में टपकती थी छत समस्या केवल एक पिलर के क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं थी। छत से बारिश के दौरान पानी टपकता था। कई जगहों पर प्लास्टर उखड़ चुका था, जबकि बीम और पिलर में सरिया बाहर दिखाई दे रहा था। खराब स्थिति के बावजूद बच्चे इसी परिसर में पढ़ने को मजबूर थे। यहां क्लास एक से पांच तक की पढ़ाई होती थी। करीब 191 बच्चों के लिए महज दो कमरे उपलब्ध थे। इनमें से एक कमरे का इस्तेमाल कार्यालय के रूप में होता था, जबकि दूसरे में एक साथ तीन कक्षाओं का संचालन किया जाता था। जगह की कमी के कारण अन्य कक्षाओं के बच्चों को बरामदे या खुले स्थान में बैठाना पड़ता था। 5 अक्टूबर से गोसवा मध्य विद्यालय में हो रही पढ़ाई मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने की व्यवस्था की। इसके तहत 5 अक्टूबर से किरतपुर प्राथमिक विद्यालय की कक्षाओं को मध्य विद्यालय गोसवा में संचालित करने का निर्देश दिया गया और स्कूल को वहां शिफ्ट कर दिया गया। अब पुराने भवन को भी ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ने के जोखिम से दूर करने की दिशा में कदम उठाया गया है। हालांकि, बच्चों की पढ़ाई फिलहाल दूसरे विद्यालय में संचालित हो रही है, इसलिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत बनी हुई है। भवन गिराने से पहले की 3 तस्वीरें…
विधानसभा तक पहुंचा था भवन का मामला जर्जर भवन का मामला स्थानीय स्तर पर कई बार उठाया गया था। ग्रामीणों और अभिभावकों ने भवन की स्थिति को लेकर शिकायतें की थी और नए भवन के निर्माण की मांग की थी। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, मामला विधानसभा तक भी पहुंचा था। इसके बाद इसे ध्वस्त कर नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की बात सामने आई थी। अब नए भवन के निर्माण का इंतजार अब सबसे बड़ा सवाल नए स्कूल भवन के निर्माण को लेकर है। 191 बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरों और सुरक्षित परिसर की जरूरत है। फिलहाल कक्षाएं मध्य विद्यालय गोसवा में संचालित हो रही हैं, लेकिन नए भवन का निर्माण कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, इसकी समय सीमा स्पष्ट नहीं है।

