देवरिया के पथरदेवा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) हिमांशु प्रताप सिंह के अपहरण की कोशिश और मारपीट के मामले में पुलिस ने शुक्रवार रात 11 बजे दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज किए। नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश सिंह की शिकायत पर पांच नामजद समेत 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। वहीं, ठेकेदार धीरज सिंह की तहरीर पर ईओ और नगर पंचायत अध्यक्ष समेत 52 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हिरासत में लिए गए दोनों युवकों और गाड़ी को छोड़ दिया गया है। विवाद की वजह नगर पंचायत में करीब चार करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर को लेकर चल रही खींचतान बताई जा रही है। अध्यक्ष की तहरीर पर पांच नामजद, 12 अज्ञात पर केस नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश सिंह ने तरकुलवा थाने में दी तहरीर में धीरज सिंह, करुणेश, विकास, निलेश शुक्ला और विवेक दुबे को नामजद किया है। इसके अलावा 12 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायत के मुताबिक, 8 अक्टूबर की रात पथरदेवा चौराहे पर ईओ को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वह चोटिल होकर बेहोश हो गए। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 352, 115(2), 190, 110 और 351(3) समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। ठेकेदार ने ईओ-अध्यक्ष समेत 52 लोगों पर लगाया आरोप दूसरी ओर, ठेकेदार धीरज सिंह की तहरीर पर ईओ हिमांशु प्रताप सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश सिंह समेत 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में बीएनएस की धारा 191(2), 190, 351(2), 351(3), 131 और 109(1) के तहत कार्रवाई की गई है। ठेकेदार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी किसी पक्ष के आरोपों को जांच में साबित होने की पुष्टि नहीं की है। दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य जांच का हिस्सा हैं।
चार करोड़ के टेंडर को लेकर बढ़ा विवाद पथरदेवा नगर पंचायत में करीब चार करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर को लेकर विवाद सामने आया है। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, जल निकासी और अन्य योजनाओं के तहत नगर क्षेत्र में सड़क, नाली और पथ प्रकाश से जुड़े काम होने हैं। टेंडर प्रक्रिया के नियमों को लेकर ईओ और ठेकेदारों के बीच खींचतान की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग रात में ही टेंडर खुलवाकर आदेश की प्रति लेने का दबाव बना रहे थे, जबकि ईओ नियमानुसार दिन में प्रक्रिया पूरी कराने पर अड़े थे। इसी बात को लेकर बृहस्पतिवार शाम से विवाद बढ़ने की चर्चा है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हिरासत में लिए गए युवक और गाड़ी छोड़ी मामले में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया था और एक गाड़ी भी कब्जे में ली गई थी। बाद में दोनों युवकों और गाड़ी को छोड़ दिया गया। पुलिस घटना के समय मौजूद लोगों, दोनों पक्षों की शिकायतों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। घटना के बाद जिले की दूसरी नगर पंचायतों में भी टेंडर प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

