हरदोई के बघौली थाना क्षेत्र के तिलक पुरवा गांव में शुक्रवार सुबह 40 वर्षीय अमरीश सिंह का शव उनके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव औंधे मुंह पड़ा था और पास में दुनाली बंदूक रखी मिली। पेट पर गहरा घाव भी था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने बंदूक कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। परिजनों के मुताबिक, अमरीश दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वह 6 अक्टूबर को ही गांव लौटे थे। थानाध्यक्ष प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि गुरुवार देर शाम अमरीश बुलेट से शराब के नशे में घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक भैंस सामने आने से उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे उन्हें चोटें भी आईं। घर पहुंचने पर इसी बात को लेकर परिजनों से उनकी कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चले गए। सुबह कमरे में नहीं हुई हलचल, खिड़की से देखा शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। इस पर परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो अमरीश का शव औंधे मुंह पड़ा था। इसके बाद दरवाजा खोलकर शव को बरामदे में रख दिया गया। पुलिस को घटना की सूचना सुबह करीब 11:30 बजे दी गई। मृतक के भाई अवधेश के मुताबिक, उन्हें गोली चलने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी थी। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से दुनाली बंदूक कब्जे में ले ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि अमरीश के पेट के पास घाव मिला है। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अमरीश के परिवार में पत्नी रीना सिंह और दो बेटियां मन्नू व प्रीशा हैं। पुलिस के मुताबिक, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

