प्रतापगढ़ में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए अपनी जमीन बेचकर 1 करोड़ रुपए दान देने वाले सियाराम उमरवैश्य का निधन हो गया। वह 78 साल के थे। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे लखनऊ में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से जिले में शोक की लहर है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही दिया था 1 करोड़ का दान शहर की सियाराम कॉलोनी निवासी सियाराम उमरवैश्य ने अक्टूबर 2018 में अपनी 16 विश्वा जमीन बेच दी थी। उन्होंने परिवार और रिश्तेदारों से करीब 15 लाख रुपए उधार भी लिए। इस तरह जुटाई गई कुल 1 करोड़ रुपए की राशि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रांत को सौंपी थी। यह दान राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने से पहले दिया गया था। सियाराम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक थे। राम मंदिर निर्माण के लिए शुरुआती दौर में इतनी बड़ी राशि दान देने के कारण उन्हें अयोध्या में मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। 12 साल की उम्र में संघ से जुड़े, इमरजेंसी में गए थे जेल सियाराम उमरवैश्य 12 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने मंडल कार्यवाह, जिला संघ चालक और संघ प्रचारक के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। इमरजेंसी के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। जोगापुर में बनवाया सीताराम धाम सियाराम की प्रभु श्रीराम के प्रति गहरी आस्था थी। वह अक्सर कहते थे, “तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा।” उन्होंने प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग के किनारे जोगापुर में 2003 में जमीन खरीदी थी। इसके बाद 2004 में सीताराम धाम का निर्माण शुरू कराया। मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उन्होंने अलग-अलग वर्षों में ‘श्रम का सम्मान’ नाम से कार्ड छपवाए। वह खुद स्कूटर से कार्ड बांटने निकलते थे। साइकिल रिक्शा चालकों, घरों में बर्तन साफ करने वाली महिलाओं, कूड़ा बीनने वाली महिलाओं और कन्याओं को आमंत्रित करते थे। इसके बाद परिवार के साथ मिलकर सभी को भोजन कराते और उपहार भेंट करते थे। पत्नी और छह बच्चों के साथ जुड़ा रहा परिवार सियाराम उमरवैश्य की पत्नी का नाम श्याम पति देवी है। उनके छह बच्चों के नाम कृष्णा कुमारी, रामराज, राधा, श्याम राज, राधेश्याम और रुक्मिणी हैं। वह पत्नी के साथ अधिकतर समय जोगापुर स्थित सीताराम धाम में बिताते थे। पिछले कुछ समय से अस्वस्थ होने के कारण उनका लखनऊ में इलाज चल रहा था। डॉ. शिवानी मातनहेलिया ने दी श्रद्धांजलि यश भारती सम्मान से सम्मानित संगीतज्ञ डॉ. शिवानी मातनहेलिया ने सियाराम उमरवैश्य को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका जाना पितृवत स्नेह से फिर वंचित होने जैसा है। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई ‘सियाराममय सब जग जानी, करहुं प्रनाम जोरि जुग पानी’ के माध्यम से उन्हें याद किया। डॉ. शिवानी ने बताया कि ताऊजी सियाराम उमरवैश्य ने एक वर्ष उनके यहां बसंतोत्सव में पूजा की थी। उन्होंने भावुक संदेश में लिखा कि प्रभु श्रीराम ने उनके लिए साकेत के द्वार खोल दिए होंगे।

