(तपन मोहंता)
रांची, नौ अक्टूबर भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशियाई खेलों के जरिये ओलंपिक कोटा हासिल करने वाला पहला देश बनकर इतिहास रच दिया लेकिन उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाने वाले विदेशी कोच को कार्यभार संभालने के तीन महीने बाद भी वेतन नहीं मिला है। अमेरिका के डेव कजिंस को मई में भारत का मुख्य कंपाउंड तीरंदाजी कोच बनाया गया था। समझा जाता है कि बकाया भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने भारत छोड़कर जाने की धमकी दी है।भारतीय तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष डॉक्टर जोरिस पाउलोस उम्माचेरिल और भारतीय खेल प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि भुगतान में विलंब तकनीकी कारणों से हुआ है जो अब सुलझ गया है और अगले कुछ दिन में उन्हें भुगतान हो जायेगा। कजिंस के मार्गदर्शन में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य हासिल किया।सूत्रों ने कहा ,‘‘ उन्होंने कुछ अधिकारियों से बात की और कहा कि अगर भुगतान नहीं होता है तो वह स्वदेश लौट जायेंगे। पिछले तीन महीने में उनके साथ जिस तरह बर्ताव हुआ है, उससे वह खुश नहीं है। अभी तक उन्हें वेतन नहीं मिला है।’’
इस बीच महासंघ दक्षिण कोरिया के पार्क चाए सून से भी लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 से पहले भारत के रिकर्व तीरंदाजों का प्रभार देने को लेकर बात कर रहा है।उनके दिसंबर में टीम से जुड़ने की उम्मीद है। उधर जोरिस ने कहा ,‘‘ भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ कुछ मसला था जिससे भुगतान में विलंब हुआ लेकिन अब सब सुलझ गया है और दो दिन में भुगतान हो जायेगा।’’
दिल्ली में साइ के एक अधिकारी ने कहा ,‘‘ हम उनसे बात कर चुके हैं और बता दिया है कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैंक के साथ कुछ तकनीकी कारणों से विलंब हुआ था लेकिन अब दो दिन में भुगतान हो जायेगा।
(तपन मोहंता)
रांची, नौ अक्टूबर भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशियाई खेलों के जरिये ओलंपिक कोटा हासिल करने वाला पहला देश बनकर इतिहास रच दिया लेकिन उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाने वाले विदेशी कोच को कार्यभार संभालने के तीन महीने बाद भी वेतन नहीं मिला है। अमेरिका के डेव कजिंस को मई में भारत का मुख्य कंपाउंड तीरंदाजी कोच बनाया गया था। समझा जाता है कि बकाया भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने भारत छोड़कर जाने की धमकी दी है।
भारतीय तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष डॉक्टर जोरिस पाउलोस उम्माचेरिल और भारतीय खेल प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि भुगतान में विलंब तकनीकी कारणों से हुआ है जो अब सुलझ गया है और अगले कुछ दिन में उन्हें भुगतान हो जायेगा। कजिंस के मार्गदर्शन में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य हासिल किया।
सूत्रों ने कहा ,‘‘ उन्होंने कुछ अधिकारियों से बात की और कहा कि अगर भुगतान नहीं होता है तो वह स्वदेश लौट जायेंगे। पिछले तीन महीने में उनके साथ जिस तरह बर्ताव हुआ है, उससे वह खुश नहीं है। अभी तक उन्हें वेतन नहीं मिला है।’’
इस बीच महासंघ दक्षिण कोरिया के पार्क चाए सून से भी लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 से पहले भारत के रिकर्व तीरंदाजों का प्रभार देने को लेकर बात कर रहा है।
उनके दिसंबर में टीम से जुड़ने की उम्मीद है। उधर जोरिस ने कहा ,‘‘ भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ कुछ मसला था जिससे भुगतान में विलंब हुआ लेकिन अब सब सुलझ गया है और दो दिन में भुगतान हो जायेगा।’’
दिल्ली में साइ के एक अधिकारी ने कहा ,‘‘ हम उनसे बात कर चुके हैं और बता दिया है कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैंक के साथ कुछ तकनीकी कारणों से विलंब हुआ था लेकिन अब दो दिन में भुगतान हो जायेगा।
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