अस्पताल में परिवार हेल्प लिपि पर लगे आरोपों की जांच:नवादा में कर्मियों के दस्तावेजों में मिली कमियां, डायरेक्टर ने 4 दिन का दिया समय

अस्पताल में परिवार हेल्प लिपि पर लगे आरोपों की जांच:नवादा में कर्मियों के दस्तावेजों में मिली कमियां, डायरेक्टर ने 4 दिन का दिया समय

बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की निदेशक प्रमुख डॉ. रेखा झा टीम के साथ नवादा पहुंचीं। उन्होंने सदर अस्पताल में परिवार हेल्प लिपि से जुड़े आरोपों की जांच की। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर अधिकारियों-कर्मचारियों से जानकारी ली। डॉ. झा ने बताया कि परिवार हेल्प लिपि के खिलाफ पहले आवेदन मिले थे। इनमें राजीव कुमार और नाकाबुल हक उर्फ हक साहब पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनकी नियुक्ति, पदस्थापन और लंबे समय से नवादा में रहने की भी जांच हो रही है। जांच टीम उनके कामों की समीक्षा कर रही है। कुछ लोगों को परेशान करने के आरोप भी सामने आए हैं। टीम को कई वीडियो और अन्य सबूत मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है। इस्तीफा के बाद कैसे हुई दोबारा नियुक्ति कर्मियों के दस्तावेजों में कुछ कमियां भी मिली हैं। यह भी जांच हो रही है कि अगर किसी ने पहले इस्तीफा दिया था, तो उसकी दोबारा नियुक्ति कैसे हुई। डॉ. झा ने साफ किया कि सिर्फ आरोप लगने से उन्हें सही नहीं माना जा सकता। सभी आरोपों की नियमानुसार जांच होगी और सबूतों के आधार पर ही निष्कर्ष निकलेगा। डायरेक्टर ने कहा कि यदि यह दावा किया जा रहा है कि संबंधित कर्मियों को पूर्व में हटाया गया था, तो उससे संबंधित आदेश या दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा। केवल मौखिक रूप से यह कह देने से कि स्थानांतरण किया गया था, इसे प्रमाणित नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष को चार दिन का समय दिया गया है, ताकि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकें। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेज, आरोप, वीडियो और अन्य प्रमाणों की गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की निदेशक प्रमुख डॉ. रेखा झा टीम के साथ नवादा पहुंचीं। उन्होंने सदर अस्पताल में परिवार हेल्प लिपि से जुड़े आरोपों की जांच की। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर अधिकारियों-कर्मचारियों से जानकारी ली। डॉ. झा ने बताया कि परिवार हेल्प लिपि के खिलाफ पहले आवेदन मिले थे। इनमें राजीव कुमार और नाकाबुल हक उर्फ हक साहब पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनकी नियुक्ति, पदस्थापन और लंबे समय से नवादा में रहने की भी जांच हो रही है। जांच टीम उनके कामों की समीक्षा कर रही है। कुछ लोगों को परेशान करने के आरोप भी सामने आए हैं। टीम को कई वीडियो और अन्य सबूत मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है। इस्तीफा के बाद कैसे हुई दोबारा नियुक्ति कर्मियों के दस्तावेजों में कुछ कमियां भी मिली हैं। यह भी जांच हो रही है कि अगर किसी ने पहले इस्तीफा दिया था, तो उसकी दोबारा नियुक्ति कैसे हुई। डॉ. झा ने साफ किया कि सिर्फ आरोप लगने से उन्हें सही नहीं माना जा सकता। सभी आरोपों की नियमानुसार जांच होगी और सबूतों के आधार पर ही निष्कर्ष निकलेगा। डायरेक्टर ने कहा कि यदि यह दावा किया जा रहा है कि संबंधित कर्मियों को पूर्व में हटाया गया था, तो उससे संबंधित आदेश या दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा। केवल मौखिक रूप से यह कह देने से कि स्थानांतरण किया गया था, इसे प्रमाणित नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष को चार दिन का समय दिया गया है, ताकि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकें। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेज, आरोप, वीडियो और अन्य प्रमाणों की गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *