वाराणसी में लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को वाराणसी कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने ज्ञानेश कुमार की शवयात्रा निकाली। पूरे न्यायालय परिसर में शव को घुमाया गया। इस दौरान नारा लगा – लोकतंत्र का हत्यारा ज्ञानेश कुमार मर गया। अधिवक्ताओं ने कहा ज्ञानेश कुमार उसी दिन से गायब हैं। जब से वोट चोरी का मामला खुलकर सामने आया है। ऐसे में उनकी शव यात्रा निकाली गयी है और उन्हें मरा घोषित किया गया है। वहीं अधिवक्ताओं ने शवयात्रा निकालने के बाद कहा कि जिस दिन ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देंगे उस दिन हम उनकी तेरहवीं भी मनाएंगे। जमकर हुई नारेबाजी, अगरबत्ती जलाकर न्यायालय में घुमाया शव वाराणसी के वकीलों ने शुक्रवार को ज्ञानेश कुमार का विरोध किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने शवयात्रा उठाई और उसे लेकर न्यायालय परिसर में घूमे और जमकर नारेबाजी किया। इस मौके पर अधिवक्ता राहुल राज ने बताया – हम लोगों ने ज्ञानेश कुमार को हम लोगों ने मृतक घोषित कर दिया है। इतने दिनों से देश की जनता अपनी मांग को लेकर सड़कों पर है और आज तक ज्ञानेश कुमार चुप्पी साधे हैं। ऐसे में हम लोगों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया है। देश को संबोधित करें तब मानेंगे जिंदा राहुल राज ने कहा – यदि ज्ञानेश कुमार जिंदा हैं तो वो सामने आये और देश की जनता को सम्बोधित करेंगे और बताएं की उन्होंने SIR का जो दुरुपयोग किया। लाखों लोगों का वोट किया। वो किसके कहने पर किया ये बताएं कि उन्होंने लोकतंत्र की हत्या किसके कहने पर की। तभी देश की जनता उन्हें माफ करने का सोचेगी और आगे की रणनीति तय करेगी। वरना आज से वो हम लोगों के लिए मर गए। बैलेट से हो चुनाव राहुल राज ने कहा – इस शवयात्रा के साथ हमारी तीन मांगे हैं। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो, देश में चुनाव बैलेट पेपर से हो और SIR फ़ौरन रद्द हो। इन तीन मांगों के साथ हम लोगों ने यह शवयात्रा निकाली है। और हम ज्ञानेश कुमार की तेरहवीं उनके इस्तीफे के बाद करेंगे।

