उदयपुर जिले के सायरा इलाके के बोखाड़ा गांव में बीती देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में घुस आया। पास की नाड़ी से निकलकर मगरमच्छ गांव के बीच पंचायत के पास पहुंच गया। देर रात आबादी के बीच मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और गांव में दशहत फैल गई। जानकारी के अनुसार, मगरमच्छ पास स्थित नाड़ी से निकलकर आबादी क्षेत्र में आ गया था। इसके बाद वह गांव में पंचायत के पास पहुंच गया। रात के समय गांव के बीच मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसके बाद ग्रामीणों ने वन्यजीव रेस्क्यू टीम को घटना की सूचना दी, ताकि मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा जा सके और किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। सूचना मिलने पर वन्यजीव रेस्क्यू टीम के नारायण सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम ने मगरमच्छ को गांव से दूर सायरा तालाब में छोड़ दिया। गांव के आबादी क्षेत्र में मगरमच्छ पहुंचने की इस घटना ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया। सेमड गांव में श्मशान भूमि पर दिखा 10 फीट से लंबा अजगर
इधर, सायरा के पास सेमड गांव में भटकेश्वर मंदिर के समीप श्मशान भूमि पर 10 फीट से लंबा अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को काबू में किया। अजगर की लंबाई 10 फीट से अधिक बताई जा रही है। इतने बड़े अजगर को देखकर ग्रामीणों में कौतूहल के साथ चिंता भी बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, ताकि अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके। सूचना मिलने पर वन और वन्यजीव विंग से नारायण सिंह, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, तेज सिंह और सुनील सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। सामाजिक कार्यकर्ता लाला भाई ने भी रेस्क्यू में सहयोग किया।

