पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में रहकर पढ़ाई करने वाले दसवीं के एक छात्र ने ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपए हारने के बाद अपने ही अपहरण की साजिश रच दी। दोस्तों से उधार लिए रुपए लौटाने के दबाव में उसने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी बनाई और परिजनों से 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। घबराए पिता ने छात्र के खाते में 75 हजार रुपए भी भेज दिए। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर छात्र को मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस से सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्र मूल रूप से पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता बिजनेसमैन हैं। बुद्धा कॉलोनी थानेदार के मुताबिक, छात्र पटना में रहकर पढ़ाई करता है। दोस्तों से उधार लेकर खेला था ऑनलाइन गेम पुलिस के शुरुआती जांच में सामने आया कि छात्र ने दोस्तों से रुपए उधार लेकर ऑनलाइन गेम खेला था। इसमें वह करीब 1 लाख 45 हजार रुपए हार गया। इसके बाद दोस्तों ने उस पर पैसे लौटाने का दबाव बनाना शुरू किया। कर्ज चुकाने के लिए छात्र ने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी तैयार की। पिता को फोन कर मांगी 2 लाख की फिरौती पुलिस के मुताबिक, छात्र बुद्धा कॉलोनी स्थित अपने कमरे से निकला और गांधी मैदान बस स्टैंड से बस पकड़कर मुजफ्फरपुर की ओर चला गया। रास्ते में उसने फोन कर बताया कि चार-पांच लोग उसे स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर ले जा रहे हैं। उसने दावा किया कि अपहरणकर्ता उसे छोड़ने के बदले 2 लाख रुपए मांग रहे हैं। इसके कुछ देर बाद छात्र ने अपने पिता को फोन किया। बेटे के अपहरण की बात सुनकर पिता ने 75 हजार रुपए भेज दिए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। स्कॉर्पियो खोजती रही पुलिस, बस से मिला छात्र शुरुआत में छात्र के बताए अनुसार पुलिस स्कॉर्पियो की तलाश कर रही थी। लेकिन तकनीकी जांच में उसकी टावर लोकेशन के आधार पर गांधी मैदान बस स्टैंड का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने बसों की जांच शुरू की। जांच के दौरान मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस में छात्र को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रची- पुलिस शुरुआती जांच में ऑनलाइन गेम में हारे रुपए और कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रचने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में रहकर पढ़ाई करने वाले दसवीं के एक छात्र ने ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपए हारने के बाद अपने ही अपहरण की साजिश रच दी। दोस्तों से उधार लिए रुपए लौटाने के दबाव में उसने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी बनाई और परिजनों से 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। घबराए पिता ने छात्र के खाते में 75 हजार रुपए भी भेज दिए। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर छात्र को मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस से सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्र मूल रूप से पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता बिजनेसमैन हैं। बुद्धा कॉलोनी थानेदार के मुताबिक, छात्र पटना में रहकर पढ़ाई करता है। दोस्तों से उधार लेकर खेला था ऑनलाइन गेम पुलिस के शुरुआती जांच में सामने आया कि छात्र ने दोस्तों से रुपए उधार लेकर ऑनलाइन गेम खेला था। इसमें वह करीब 1 लाख 45 हजार रुपए हार गया। इसके बाद दोस्तों ने उस पर पैसे लौटाने का दबाव बनाना शुरू किया। कर्ज चुकाने के लिए छात्र ने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी तैयार की। पिता को फोन कर मांगी 2 लाख की फिरौती पुलिस के मुताबिक, छात्र बुद्धा कॉलोनी स्थित अपने कमरे से निकला और गांधी मैदान बस स्टैंड से बस पकड़कर मुजफ्फरपुर की ओर चला गया। रास्ते में उसने फोन कर बताया कि चार-पांच लोग उसे स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर ले जा रहे हैं। उसने दावा किया कि अपहरणकर्ता उसे छोड़ने के बदले 2 लाख रुपए मांग रहे हैं। इसके कुछ देर बाद छात्र ने अपने पिता को फोन किया। बेटे के अपहरण की बात सुनकर पिता ने 75 हजार रुपए भेज दिए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। स्कॉर्पियो खोजती रही पुलिस, बस से मिला छात्र शुरुआत में छात्र के बताए अनुसार पुलिस स्कॉर्पियो की तलाश कर रही थी। लेकिन तकनीकी जांच में उसकी टावर लोकेशन के आधार पर गांधी मैदान बस स्टैंड का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने बसों की जांच शुरू की। जांच के दौरान मुजफ्फरपुर के सराय टोल प्लाजा के पास एक बस में छात्र को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रची- पुलिस शुरुआती जांच में ऑनलाइन गेम में हारे रुपए और कर्ज चुकाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रचने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

