सूत्रों ने पुष्टि की है कि 2 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी लगभग 25 FIR दर्ज की गई हैं। इन मामलों में सार्वजनिक संपत्ति में तोड़-फोड़, मारपीट, पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं। ये मामले नई दिल्ली ज़िले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन से संबंधित हैं। शिकायतों में कई नेताओं के नाम शामिल हैं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी हैं।
इसे भी पढ़ें: Delhi Police की पत्रकारों को नसीहत: Protest Coverage के दौरान बनाकर रखें सुरक्षित Distance
बुधवार को दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA ब्लॉक के अन्य सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की। आरोप है कि मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान वे बिना इजाज़त आकाशवाणी भवन परिसर में घुस गए थे। INDIA ब्लॉक ने संसद भवन से निर्वाचन सदन (निर्वाचन आयोग का मुख्यालय) तक एक मार्च का आयोजन किया था, जिसके लिए कोई आधिकारिक मंज़ूरी नहीं ली गई थी और न ही मिली थी।
पुलिस ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के पास मार्च को रोक दिया, जहाँ कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने धरना दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन में दाखिल हुए और वहाँ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इसके अलावा, अधिकारियों ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर चेतावनी जारी की है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सृष्टि पांडे ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में धारा 163 लागू है और किसी भी तरह का जमावड़ा गैर-कानूनी माना जाएगा।
इसे भी पढ़ें: Goa में 27 लाख देकर फर्जी अफसर बना शख्स, Excise Department की कुर्सी पर बैठते ही धराया
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन पाबंदियों के लागू रहने के दौरान जंतर-मंतर या किसी भी अन्य जगह पर विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना इजाज़त जमा होने वाले लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।

