ट्रम्प ने मस्क को नेशनल साइंस मेडल से नवाजा:बोले- इलॉन हमारे दौर के थॉमस एडिसन हैं, साइंस को हकीकत में बदल दिया

ट्रम्प ने मस्क को नेशनल साइंस मेडल से नवाजा:बोले- इलॉन हमारे दौर के थॉमस एडिसन हैं, साइंस को हकीकत में बदल दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित ‘साइंस: ए न्यू गोल्डन एज समिट’ में इलॉन मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया। ट्रम्प ने अंतरिक्ष खोज, तकनीक और इनोवेशन में मस्क के योगदान की तारीफ करते हुए उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ और ‘आधुनिक दौर का थॉमस एडिसन’ बताया। अवार्ड देने से पहले ट्रम्प ने मस्क को उद्योग जगत का दिग्गज, शानदार इंजीनियर और अब तक के सबसे महान टेक्नोलॉजी फाउंडर्स में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मस्क की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प ने विज्ञान-कथा को हकीकत में बदल दिया है। ट्रम्प ने टेस्ला में मस्क की भूमिका की तारीफ की ट्रम्प ने टेस्ला की स्थापना में मस्क की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने टेस्ला को 75 साल से ज्यादा समय में सफल होने वाली पहली नई कार निर्माता कंपनी बताया और कहा कि कंपनी ने इलेक्ट्रिक कारों और सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को व्यावसायिक रूप से सफल बनाया। ट्रम्प ने अपने चाचा डॉ. जॉन ट्रम्प का भी जिक्र किया, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने आविष्कारक निकोला टेस्ला के काम का आकलन करने के लिए नियुक्त किया था। उन्होंने मस्क के न्यूरालिंक और सुपरइंटेलिजेंस से जुड़े काम की भी तारीफ की। ट्रम्प ने कहा कि मस्क ऐसे लोगों की नजर, बोलने और चलने की क्षमता बहाल करने पर काम कर रहे हैं, जो इन्हें खो चुके हैं। नेशनल मेडल ऑफ साइंस की स्थापना 1959 में हुई थी नेशनल मेडल ऑफ साइंस से गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग और एएमडी की सीईओ लिसा सु को भी सम्मानित किया गया। वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिया गया। यह ट्रम्प के दोनों कार्यकालों में पहली बार था, जब उन्होंने नेशनल मेडल ऑफ साइंस और नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिए। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया:8 आईटी कंपनियों के खिलाफ एक्शन, अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों पर सीधा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने गुरुवार को 8 बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इनमें भारत की चार कंपनियां टाटा, इंफोसिस, विप्रो और HCL हैं। इनके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी पर भी यह रोक लगाई गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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