विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सरकारी कर्मचारी भी आंदोलित होने लगे हैं। वेतन विसंगतियों सहित विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल भी आंदोलन कर रहे हैं। उनके चरणबद्ध आंदोलन से अब जरूरी सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। नौकरी से लेकर छात्रवृत्ति तक, कई कार्यों में उपयोगी जाति, आय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहे हैं। गोरखपुर सदर तहसील में अक्टूबर महीने में अब तक आए आवेदनों में से 98.40 प्रतिशत आवेदन लंबित हैं। लेखपाल धीरे-धीरे अपनी मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार का दायरा बढ़ाते जाएंगे। 17 अक्टूबर से ऑफलाइन काम भी बंद कर दिया जाएगा और लेखपालों ने मांगें न माने जाने पर 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। हालांकि लेखपाल संघ ने निर्णय लिया है कि इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन होगा या फिर मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े कार्य करते रहेंगे। जिससे जरूरतमंद लोगों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। लेखपाल संघ सदर तहसील के अध्यक्ष अनिल राय ने कहा कि शासन से मांगों को लेकर हम आंदोलन कर रहे हैं। आम लोगों की हम परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते। इसी कारण आर्थिक मदद से जुड़े आवेदनों को आंदोलन से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो सभी कार्य बंद करने की मजबूरी होगी।
सदर तहसील में 7087 आवेदन लंबित ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार एक से सात अक्टूबर के बीच सदर तहसील में आय और जाति प्रमाणपत्र के 7202 आवेदन आए। इनमें केवल 115 का निस्तारण हुआ, जबकि 7087 आवेदन लंबित हैं। आय प्रमाणपत्र के 4128 आवेदनों में छह का निस्तारण हुआ और 4122 लंबित हैं। वहीं जाति प्रमाणपत्र के 3074 आवेदनों में 109 का निस्तारण हुआ और 2965 लंबित हैं।
जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद के अनुसार आनलाइन और अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार से जिले की सभी तहसीलों में हजारों आवेदन लंबित हो चुके हैं। प्रमाणपत्रों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। अनिल राय ने बताया कि गुरुवार से से आय, जाति, निवास, वरासत, किसान रजिस्ट्री और सत्यापन समेत आनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार शुरू किया गया है। 2800 ग्रेड पे, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति सूची और भत्तों में वृद्धि की मांगों पर शासनादेश जारी नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर से आफलाइन काम भी बंद कर तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

