जनकपुरी महोत्सव के दूसरे दिन भावना एस्टेट रोड पर दिन में प्रभु श्रीराम के सम्मान में बढ़हार की दावत सजी, तो शाम को रथ पर राम-सीता और चारों भाइयों के स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल की ओर से आयोजित ज्यौनार में चांदी की थाल में विभिन्न व्यंजन परोसे गए। वहीं शाम को गोधूली बेला में कावेरी कौस्तुंभ से जनक महल पहुंचे राम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो गए। पूरे आयोजन में भक्ति, संगीत और मिथिला की अतिथि-सत्कार परंपरा की झलक दिखाई दी। दिन में आयोजित बढ़हार की दावत में राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल ने राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल का स्वागत किया। इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता सहित सभी स्वरूपों की आरती उतारी गई। जनक परिवार की ओर से चांदी की थाल में भोजन परोसा गया। वर के सम्मान में आयोजित इस पारंपरिक ज्यौनार में बड़ी संख्या में शहरवासी और गणमान्यजन शामिल हुए। दावत के दौरान इंडिया गॉट टैलेंट फेम छत्तीसगढ़ के 35 सदस्यीय रॉयल सिम्फनी बैंड ने रामधुनों और भजनों की प्रस्तुति दी। पूर्व और पश्चिमी संगीत के मेल से हुई प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। रामनाम और जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। बढ़हार की दावत में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, एमएलसी विजय शिवहरे, पूर्व सांसद राज बब्बर, विधायक एवं श्री रामलीला कमेटी अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे। इसके बाद शाम को गोधूली बेला में कावेरी कौस्तुंभ से जनक महल तक प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप रथ पर सवार होकर पहुंचे। रथ के दोनों ओर श्रद्धालु दर्शन के लिए खड़े रहे। रथ पर राम-सीता और चारों भाइयों के दर्शन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। राजा जनक और रानी सुनैना ने जनक महल पहुंचने पर सभी स्वरूपों की आरती उतारकर स्वागत किया। आरती के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। ‘जय हनुमान ज्ञान गुण सागर’ की गूंज के बीच भक्तिमय संध्या का शुभारंभ हुआ। इंडिया गॉट टैलेंट फेम द क्रेजी हॉकर्स प्रीति की टीम ने नृत्य प्रस्तुति दी। इसके बाद भजन गायक कुमार विशु ने रामायण की चौपाइयां, राम भजन और संत कबीर के दोहे प्रस्तुत किए। ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ जैसी चौपाइयों पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सजे मार्ग, फूलों की सजावट और रोशनी के बीच रथ पर विराजे राम-सीता का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। ऐसा लगा मानो अयोध्या से रघुनंदन मिथिला पहुंचे हों। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव सहित समिति के पदाधिकारी और महिला समिति की सदस्य मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचि चतुर्वेदी और दीपक जैन ने किया।

