यूपीसीडा के तीन अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। तीनों पर आरोप है कि वर्ष 2008-09 में सामान्य एवं बैकलॉग भर्ती में अनियमितता बरती गई। सालों चली जांच के बाद विजिलेंस की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसपी विजिलेंस वैभव पांडे ने बताया कि जांच में अधिकारियों पर लगे आरोप सही पाए गए थे। वर्तमान में आरोपी अधिकारी कहां तैनात है या सेवानिवृत्त हो चुके हैं। फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। पदों पर अनियमितता बरतते हुए भर्ती की करीब 18 वर्ष पूर्व यूपीसीडा में की गई भर्ती पर कई सवाल उठे थे। इस पर शासन ने विजिलेंस को मामले की जांच सौंपी थी। सालों चली जांच के बाद अब तत्कालीन अधीक्षण अभियंता-प्रबंधक (कार्मिक) ओएसडी अजीत सिंह, तपेंद्र प्रसाद तत्कालीन संयुक्त प्रबंधक निदेशक और सुधीर कनौजिया सहायक प्रबंधक (कार्मिक) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एसपी ने बताया कि तीनों पर आरोप है कि मान चित्रकार, आशुलिपिक (टंकण), उप प्रबंधक (लेखा), उप प्रबंधक (सामान्य) व सहायक प्रबंधक (लेखा) के पदों पर अनियमितता बरतते हुए भर्ती की है। भर्ती में फर्जी व कूटरचित प्रपत्रों का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया है। जांच में सभी आरोप सही पाए जाने पर शासन के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की है। एसपी ने बताया कि कोई इस तरह की अनियमितता की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर की जा सकती है।

