राजकोट. सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आचार्य देवव्रत की अध्यक्षता में गुरुवार को 61वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर 132 छात्रों को गोल्ड मेडल, 45924 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि किशोरावस्था से युवावस्था में प्रवेश करने के साथ ही अब राष्ट्रनिर्माण की जिम्मेदारी की ओर आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना ही शिक्षित होने का सच्चा प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में रोड नेटवर्क, रेलवे सिस्टम, आधुनिक रेलवे स्टेशनों, वंदेभारत ट्रेन और बुलेट ट्रेन जैसे बुनियादी ढांचे के सुधारों से सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। साइंस टेक्नोलॉजी, स्पेस, विमान, हेलीकॉप्टर और आयुध निर्माण के क्षेत्र में भारत अब निर्यातक देश बन रहा है। देश में स्टार्टअप क्षेत्र में भी अभूतपूर्व क्रांति आई है।
राज्यपाल ने युवाओं से अपील की कि हमेशा सत्य का आचरण करना, कर्तव्य का पालन करना, ज्ञान में निरंतर वृद्धि करना और प्राप्त विद्या का उपयोग मानवता के कल्याण तथा राष्ट्र के उत्थान के लिए करना चाहिए। माता-पिता और गुरुजनों के प्रति आदरभाव बनाए रखना हमारी भारतीय संस्कृति है। उन्होंने सभी डिग्रीधारकों को ईमानदारी और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने 132 में से 105 गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली छात्राओं की विशेष रूप से सराहना करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की भी अपील की।
प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए करें सोशल मीडिया का उपयोग : छांगा
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री त्रिकम छांगा ने कहा कि आज विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर उज्ज्वल कॅरियर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच विद्यार्थियों को केवल सकारात्मक और उपयोगी बातों का अनुसरण कर इसका उपयोग प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए करना चाहिए।
जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलूरु के वैज्ञानिक और प्रेसिडेंट प्रो. के. एस. नारायण ने कहा कि विकसित भारत-2047 के निर्माण में आज के युवाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी। उन्होंने युवाओं से लगातार नई बातें सीखने और एआइ, डिजिटल टेक्नोलॉजी तथा अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी के साथ मानवीय मूल्यों, नैतिकता, सहानुभूति और रचनात्मकता को बनाए रखने की अपील की। कुलपति उत्पल जोशी ने यूनिवर्सिटी की उपलब्धियां प्रस्तुत कीं।

