CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा मांगा, Madhya Pradesh में कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन

CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा मांगा, Madhya Pradesh में कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन

भोपाल, आठ अक्टूबर मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया और पार्टी नेताओं ने उन्हें ‘‘देशद्रोही’’ करार दिया। भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने व्यापंम चौराहे से आंबेडकर प्रतिमा तक मार्च निकाला, जबकि इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और कई अन्य शहरों में प्रदर्शन, नारेबाजी तथा पुतला दहन किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ज्ञानेश कुमार ‘‘देशद्रोही’’ हैं और जब तक वह इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मध्यप्रदेश से कांग्रेस के एक लाख कार्यकर्ता दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं, जबकि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ कर रही है। सिंघार ने दावा किया कि 13 करोड़ वोट ‘‘चुरा’’ लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई राहुल गांधी या प्रियंका गांधी वाद्रा की नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों की लड़ाई है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीईसी के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर थामे हुए थे। भोपाल में पटवारी, सिंघार, दिग्विजय सिंह, विधायक आरिफ मसूद और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।

कुछ कार्यकर्ता भी सड़क पर लेटकर नारेबाजी करते नजर आए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ प्रदर्शनकारी आंबेडकर प्रतिमा की रेलिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर पर काला रंग छिड़कने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस के साथ उनका टकराव हुआ। सागर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर और हाथों में रस्सियां बांधकर प्रदर्शन किया तथा पुतला दहन किया। इंदौर और अन्य स्थानों पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदर्शन और मार्च निकाले गए। ये प्रदर्शन उस रिपोर्ट के बाद हुए हैं जिसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर 10 महीने में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि निर्णय प्रक्रिया में अलग-अलग विचार होना उसके कामकाज का हिस्सा है और पिछले एक साल में लिए गए उसके फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं।

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक अभिनव बारोलिया ने कहा कि प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन में खासकर युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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