तरनतारन में मास्टर कैडर यूनियन पंजाब की जिला और राज्य स्तरीय नेतृत्व ने पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ तीखा मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बलजिंदर सिंह धालीवाल, प्रदेश महासचिव गुरमीत सिंह भुल्लर और जिला महासचिव सुखदेव राज समेत अन्य नेताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर में बैठक का दिया था आश्वासन यूनियन नेताओं ने बताया कि कर्मचारी पिछले छह महीनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हुई पिछली मुलाकात के दौरान वादा किया था कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में बैठक बुलाकर मसलों का स्थायी हल निकाला जाएगा। हालांकि, अक्टूबर का पहला हफ्ता बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से बैठक के लिए कोई बुलावा नहीं आया, जिससे कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया है। 10 अक्टूबर को संगरूर में होगी महारैली, मास्टर कैडर यूनियन भी होगी शामिल पंजाब सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में ‘ज्वाइंट कर्मचारी फोरम’ और ‘ज्वाइंट कर्मचारी एवं पेंशनर्स फ्रंट’ ने 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के गृह निर्वाचन क्षेत्र संगरूर में एक विशाल विरोध रैली करने का निर्णय लिया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि इस रैली में राज्यभर से भारी संख्या में कर्मचारी एकत्र होकर सरकार का कर्मचारी विरोधी चेहरा बेनकाब करेंगे। मास्टर कैडर यूनियन भी इस संगरूर महारैली में पूरे दलबल के साथ भाग लेगी। इन प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी इस मौके पर राज्य कमेटी सदस्य परमिंदर सिंह, मनजिंदर सिंह झंडेर, मनजिंदर सिंह ढिल्लों, तेजिंदर सिंह खैरा सिंह, रणजीत सिंह, जिला वित्त सचिव जुगराज सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत सिंह, मनजिंदर सिंह जोहल और गगनदीप सिंह समेत कई अन्य यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करती, संघर्ष लगातार तेज किया जाएगा।

