बांका में बिना अनुमति नहीं लगेगा दुर्गापूजा पंडाल:DM-SP ने बिजली, पार्किंग और क्राउड मैनेजमेंट दुरुस्त करने के निर्देश दिए

बांका में बिना अनुमति नहीं लगेगा दुर्गापूजा पंडाल:DM-SP ने बिजली, पार्किंग और क्राउड मैनेजमेंट दुरुस्त करने के निर्देश दिए

बांका में आगामी दुर्गापूजा एवं अन्य त्योहारों के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व संपन्न कराने को लेकर गुरुवार शाम समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने की। इसमें शांति समिति के सदस्यों, पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ त्योहार के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, बिजली, साफ-सफाई, विसर्जन और सोशल मीडिया पर निगरानी सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पूजा स्थलों एवं प्रमुख मंदिरों में पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी पूजा स्थलों पर पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। विशेष रूप से तेलडीहा मंदिर, बाराहाट, संबलपुर समेत अन्य प्रमुख पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को पूजा स्थलों पर भीड़ की स्थिति का आकलन कर उसके अनुरूप पुलिस बल एवं अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा। बिना अनुमति पंडाल लगाने पर रोक जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले में बनाए जाने वाले सभी दुर्गापूजा पंडालों के लिए लाइसेंस अथवा अनुज्ञप्ति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी भी पंडाल का आयोजन नहीं किया जाएगा। पूजा समितियों को अनुज्ञप्ति में निर्धारित सभी शर्तों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने पंडालों के आसपास पार्किंग की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी प्रशासन ने पहले से तैयारी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विसर्जन के लिए पूर्व निर्धारित रूट चार्ट तैयार किया जाए और प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित मार्ग से ही कराया जाए। संबंधित अधिकारी विसर्जन मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। फेक न्यूज पर प्रशासन की नजर जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों के प्रसार को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं अन्य लोगों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया जागरूक करने का निर्देश दिया कि किसी भी खबर या सूचना की सत्यता की जांच किए बिना उसे साझा नहीं करें। उन्होंने फेक न्यूज एवं भ्रामक सूचनाओं से बचने तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों, पूजा समितियों एवं गणमान्य नागरिकों से प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा। किसी पूजा पंडाल में किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को सूचना देने का निर्देश दिया गया, ताकि समस्या का समय पर समाधान कराया जा सके। डीजे रहेगा प्रतिबंधित, तेज आवाज में साउंड सिस्टम पर रोक पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने कहा कि पूजा पंडाल निर्माण एवं जुलूस के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति अथवा अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। अनुज्ञप्ति में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के दौरान डीजे प्रतिबंधित रहेगा। साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा। अत्यधिक तेज आवाज में ध्वनि प्रसारित करने पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने विशेष रूप से युवाओं से अपनी जिम्मेदारी समझने और त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे दूसरे लोगों को परेशानी हो या विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो। पंडालों में सीसीटीवी और स्वयंसेवकों की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति करने तथा सभी स्वयंसेवकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया। स्वयंसेवकों को भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित रखने और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को देने के लिए कहा गया। एसपी ने प्रतिमा विसर्जन निर्धारित समय पर कराने तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विसर्जन घाटों को पहले से चिन्हित कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का सत्यापन करने को कहा गया, ताकि खतरनाक घाटों की पहचान कर वहां आवश्यक सावधानी बरती जा सके। 24 घंटे सक्रिय रहेगी साइबर पुलिस पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर पुलिस 24 घंटे सक्रिय है और सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी फेक कंटेंट या अपुष्ट सूचना को बिना सत्यता की जांच किए शेयर नहीं करें। अफवाह फैलाने अथवा भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शांति समिति के सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों से उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। सदस्यों ने पूजा पंडालों के आसपास पार्किंग व्यवस्था, बिजली के तारों को सुरक्षित रखने, पूजा स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था का सुझाव दिया। सदस्यों ने विसर्जन जुलूस के मार्ग का पूर्व निरीक्षण कराने की भी मांग की। जुलूस के दौरान किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए सड़क किनारे आने वाली अनावश्यक टहनियों एवं पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा पुलिस व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को भी प्रशासन के समक्ष रखा गया। बिजली व्यवस्था की पहले होगी जांच जिलाधिकारी ने पूजा समितियों को पंडाल एवं सजावट में गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित विद्युत तारों का ही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। पूजा पंडालों में विद्युत कनेक्शन एवं तारों के उपयोग के संबंध में विद्युत विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को कहा गया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को निर्देश दिया कि जिले के सभी पूजा पंडालों एवं वहां आने-जाने वाले रास्तों के आसपास बिजली के तार खुले या असुरक्षित स्थिति में नहीं रहें। विद्युत तारों की सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। प्रमुख पूजा स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को शांति समिति की बैठक में प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्योहार से पहले सभी तैयारियां पूरी कराने का निर्देश दिया। बांका में आगामी दुर्गापूजा एवं अन्य त्योहारों के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व संपन्न कराने को लेकर गुरुवार शाम समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने की। इसमें शांति समिति के सदस्यों, पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ त्योहार के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, बिजली, साफ-सफाई, विसर्जन और सोशल मीडिया पर निगरानी सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पूजा स्थलों एवं प्रमुख मंदिरों में पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी पूजा स्थलों पर पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। विशेष रूप से तेलडीहा मंदिर, बाराहाट, संबलपुर समेत अन्य प्रमुख पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को पूजा स्थलों पर भीड़ की स्थिति का आकलन कर उसके अनुरूप पुलिस बल एवं अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा। बिना अनुमति पंडाल लगाने पर रोक जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले में बनाए जाने वाले सभी दुर्गापूजा पंडालों के लिए लाइसेंस अथवा अनुज्ञप्ति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी भी पंडाल का आयोजन नहीं किया जाएगा। पूजा समितियों को अनुज्ञप्ति में निर्धारित सभी शर्तों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने पंडालों के आसपास पार्किंग की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी प्रशासन ने पहले से तैयारी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विसर्जन के लिए पूर्व निर्धारित रूट चार्ट तैयार किया जाए और प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित मार्ग से ही कराया जाए। संबंधित अधिकारी विसर्जन मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। फेक न्यूज पर प्रशासन की नजर जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों के प्रसार को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं अन्य लोगों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया जागरूक करने का निर्देश दिया कि किसी भी खबर या सूचना की सत्यता की जांच किए बिना उसे साझा नहीं करें। उन्होंने फेक न्यूज एवं भ्रामक सूचनाओं से बचने तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों, पूजा समितियों एवं गणमान्य नागरिकों से प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा। किसी पूजा पंडाल में किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को सूचना देने का निर्देश दिया गया, ताकि समस्या का समय पर समाधान कराया जा सके। डीजे रहेगा प्रतिबंधित, तेज आवाज में साउंड सिस्टम पर रोक पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने कहा कि पूजा पंडाल निर्माण एवं जुलूस के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति अथवा अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। अनुज्ञप्ति में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के दौरान डीजे प्रतिबंधित रहेगा। साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा। अत्यधिक तेज आवाज में ध्वनि प्रसारित करने पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने विशेष रूप से युवाओं से अपनी जिम्मेदारी समझने और त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे दूसरे लोगों को परेशानी हो या विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो। पंडालों में सीसीटीवी और स्वयंसेवकों की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति करने तथा सभी स्वयंसेवकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया। स्वयंसेवकों को भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित रखने और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को देने के लिए कहा गया। एसपी ने प्रतिमा विसर्जन निर्धारित समय पर कराने तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विसर्जन घाटों को पहले से चिन्हित कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का सत्यापन करने को कहा गया, ताकि खतरनाक घाटों की पहचान कर वहां आवश्यक सावधानी बरती जा सके। 24 घंटे सक्रिय रहेगी साइबर पुलिस पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर पुलिस 24 घंटे सक्रिय है और सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी फेक कंटेंट या अपुष्ट सूचना को बिना सत्यता की जांच किए शेयर नहीं करें। अफवाह फैलाने अथवा भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शांति समिति के सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों से उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। सदस्यों ने पूजा पंडालों के आसपास पार्किंग व्यवस्था, बिजली के तारों को सुरक्षित रखने, पूजा स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था का सुझाव दिया। सदस्यों ने विसर्जन जुलूस के मार्ग का पूर्व निरीक्षण कराने की भी मांग की। जुलूस के दौरान किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए सड़क किनारे आने वाली अनावश्यक टहनियों एवं पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा पुलिस व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को भी प्रशासन के समक्ष रखा गया। बिजली व्यवस्था की पहले होगी जांच जिलाधिकारी ने पूजा समितियों को पंडाल एवं सजावट में गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित विद्युत तारों का ही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। पूजा पंडालों में विद्युत कनेक्शन एवं तारों के उपयोग के संबंध में विद्युत विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को कहा गया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को निर्देश दिया कि जिले के सभी पूजा पंडालों एवं वहां आने-जाने वाले रास्तों के आसपास बिजली के तार खुले या असुरक्षित स्थिति में नहीं रहें। विद्युत तारों की सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। प्रमुख पूजा स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को शांति समिति की बैठक में प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्योहार से पहले सभी तैयारियां पूरी कराने का निर्देश दिया।  

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