यूरोप ने गलत जानकारी देने को लेकर आयरिश कंपनी पर 370 करोड़ का जुर्माना, स्लोवेनिया डील में कौन सी सच्चाई छिपाई गई?

यूरोप ने गलत जानकारी देने को लेकर आयरिश कंपनी पर 370 करोड़ का जुर्माना, स्लोवेनिया डील में कौन सी सच्चाई छिपाई गई?

यूरोपीय यूनियन ने आयरिश कंपनी किंग्सपैन पर 40 मिलियन यूरो का जुर्माना ठोका है। ये रकम करीब 370 करोड़ रुपये के बराबर है। कंपनी ने स्लोवेनिया की एक प्रतिद्वंद्वी फर्म को खरीदने की कोशिश में गलत और भ्रामक जानकारी दी थी। ये बात यूरोपीय प्रतिस्पर्धा नियामक ने गुरुवार को साफ बताई।

जुर्माना क्यों लगा और क्या गलती हुई?

किंग्सपैन ने 2021 में ट्रिमो नाम की स्लोवेनियाई कंपनी खरीदने का ऐलान किया था। लेकिन अप्रैल 2022 में ये डील रद्द कर दी गई। यूरोपीय कमीशन ने चेतावनी दी थी कि इससे कीमतें बढ़ सकती हैं और सामान की क्वालिटी गिर सकती है। उसके बाद नवंबर 2022 में जांच शुरू हुई।

चार साल चली इस जांच में क्या पाया गया?

चार साल चली इस जांच में पाया गया कि कंपनी ने खनिज फाइबर सैंडविच पैनल्स की बाजार में घुसपैठ की दर कैसे ट्रैक करती है, उसके बारे में गलत बात कही। बोली लगाने के आंकड़ों की उपलब्धता और बोर्ड सदस्यों की कुछ मामलों में भूमिका को लेकर भी गलत जानकारी दी गई।

‘पारदर्शिता पर कोई समझौता’

यूरोपीय प्रतिस्पर्धा प्रमुख टेरेसा रिबेरा ने साफ कहा- जब कंपनियां सच्चाई छुपाती हैं या तोड़-मरोड़कर बताती हैं तो वे पूरे सिस्टम को नुकसान पहुंचाती हैं। ये सिस्टम सबके लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बचाता है। खुलासा और पारदर्शिता पर कोई समझौता नहीं हो सकता। अगर कंपनियां ऐसा नहीं करतीं तो हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे।

कंपनियों के लिए सख्त संदेश

यूरोपीय नियम के मुताबिक ऐसी गलतियों पर कंपनी के कुल वैश्विक कारोबार का एक प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है। किंग्सपैन पर लगा ये जुर्माना उसी नीति का हिस्सा है।

नियामक ने साफ कर दिया कि विलय के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये मामला सिर्फ एक कंपनी का नहीं है। यूरोपीय कमीशन ने पिछले कुछ सालों में कई मामलों में इसी तरह सख्ती दिखाई है। किंग्सपैन की ये डील तो रद्द हो गई लेकिन जांच जारी रही और अंत में भारी जुर्माना लगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *