पेट फूलने के साथ सांस लेने में दिक्कत, IJCCM से जानें कब हो सकता है Abdominal Compartment Syndrome

पेट फूलने के साथ सांस लेने में दिक्कत, IJCCM से जानें कब हो सकता है Abdominal Compartment Syndrome

Abdominal Compartment Syndrome: पेट में हल्का-फुल्का भारीपन होना या गैस बनना हम सभी के लिए एक आम बात है। अक्सर लोग इसे गलत खान-पान या एसिडिटी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट का अत्यधिक फूलना और उसके साथ सांस लेने में तकलीफ होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है? इस स्थिति को एब्डोमिनल कम्पार्टमेंट सिंड्रोम (Abdominal Compartment Syndrome – ACS) कहा जाता है। यह कोई साधारण पेट दर्द या कब्ज नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जो शरीर के अंदरूनी अंगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। आइए समझते हैं कि एब्डोमिनल कम्पार्टमेंट सिंड्रोम आखिर क्या है, यह क्यों होता है और इसके मुख्य लक्षण क्या हैं।

क्या होता है एब्डोमिनल कम्पार्टमेंट सिंड्रोम?

इसे समझने के लिए अपने पेट की कल्पना एक बंद कमरे या डिब्बे की तरह कीजिए। इस डिब्बे के अंदर हमारे महत्वपूर्ण अंग जैसे लिवर, किडनी, आंतें और पेट सुरक्षित रहते हैं। सामान्य तौर पर इस कमरे के अंदर का दबाव (Intra-abdominal pressure) बहुत कम और संतुलित रहता है। इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के अनुसार, जब किसी वजह से पेट के अंदर सूजन, तरल पदार्थ (फ्लुइड) का जमाव या आंतरिक खून बहना शुरू हो जाता है, तो पेट के अंदर का दबाव बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। जब यह दबाव इतना अधिक बढ़ जाता है कि अंदरूनी अंगों तक खून का दौरा (Blood Circulation) रुकने लगे, तो इसे ‘एब्डोमिनल कम्पार्टमेंट सिंड्रोम’ कहते हैं। दबाव बढ़ने के कारण अंग सही तरीके से काम करना बंद कर देते हैं और यदि समय पर इलाज न मिले तो अंग पूरी तरह खराब (Organ Failure) भी हो सकते हैं।

पेट फूलने के साथ सांस फूलने का क्या संबंध है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कई लोग सोचते हैं कि पेट के दबाव से फेफड़ों का क्या लेना-देना? दरअसल, हमारे पेट और छाती के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण मांसपेशी होती है, जिसे डायफ्राम (Diaphragm) कहा जाता है। जब हम सांस लेते हैं, तो यह डायफ्राम नीचे की तरफ जाता है और फेफड़ों को फैलने की जगह मिलती है। लेकिन जब एब्डोमिनल कम्पार्टमेंट सिंड्रोम के कारण पेट के अंदर का दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो यह फूला हुआ पेट ऊपर की ओर डायफ्राम पर तेज दबाव डालता है। इसके चलते डायफ्राम ऊपर छाती की तरफ खिंच जाता है और फेफड़ों के फैलने की जगह खत्म हो जाती है। नतीजा यह होता है कि इंसान को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगती है, छाती में जकड़न महसूस होती है और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।

इसके मुख्य कारण क्या हैं?

यह बीमारी आमतौर पर अचानक घर पर बैठे किसी सामान्य व्यक्ति को नहीं होती। यह अधिकतर उन मरीजों में देखी जाती है जो पहले से किसी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती होते हैं। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं;

  • पेट में गंभीर चोट या अंदरूनी ब्लीडिंग।
  • अग्नाशय में सूजन (Severe Pancreatitis)।
  • आंतों में रुकावट या इन्फेक्शन।
  • शरीर में अत्यधिक फ्लुइड या खून चढ़ाना।

शरीर में दिखने वाले प्रमुख लक्षण

ACS के लक्षण अक्सर पेट में अत्यधिक दबाव बनने के बाद ही तेजी से सामने आते हैं। इनमें प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं;

  • पेट का कड़ा और गुब्बारे की तरह फूल जाना।
  • सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई।
  • पेशाब की मात्रा में अचानक कमी।
  • ब्लड प्रेशर का अचानक गिर जाना।

इसका निदान और इलाज कैसे किया जाता है?

एब्डोमिनल कम्पार्टमेंट सिंड्रोम एक इमरजेंसी मेडिकल कंडीशन है। डॉक्टरों द्वारा मरीज के ब्लैडर (पेशाब की थैली) में एक कैथेटर डालकर पेट के अंदर का दबाव नापा जाता है। यदि दबाव खतरनाक स्तर से ऊपर चला जाता है, तो तुरंत इलाज शुरू किया जाता है, कुछ मामलों में ट्यूब के जरिए पेट का एक्स्ट्रा फ्लुइड निकालकर या दवाइयों की मदद से दबाव कम करने की कोशिश की जाती है। यदि स्थिति बहुत गंभीर हो, तो डॉक्टर पेट में कट (चूरा) लगाकर पेट को खोलते हैं ताकि अंदर जमा दबाव तुरंत बाहर निकल सके और अंगों को फिर से खून की आपूर्ति मिल सके।

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