श्रीगंगानगर के सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला और आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. हरीश रहेजा के बीच चल रहे विवाद से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की स्टेट इकाई ने खुद को अलग कर लिया है। स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. महेश शर्मा ने आईएमए के नाम के इस्तेमाल को लेकर डॉ. रहेजा के प्रति नाराजगी जताई है। साथ ही बीकानेर जोनल सेक्रेटरी को जिला इकाई से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच करवाकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। स्टेट इकाई ने आईएमए जिला अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी जानकारी मांगी है। जोनल सेक्रेटरी से आखिरी चुनाव कब और कहां हुए, किस प्रक्रिया के तहत हुए तथा पदाधिकारियों का चयन किस तरह किया गया, इसकी जानकारी दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट में देने को कहा गया है। सीएमएचओ ने स्टेट प्रेसिडेंट को भेजी थी शिकायत सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने आईएमए स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. महेश शर्मा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि डॉ. हरीश रहेजा की ओर से उनके खिलाफ पुलिस और प्रशासन को दी गई शिकायतों में आईएमए के नाम का इस्तेमाल किया गया है। सीएमएचओ ने स्टेट इकाई से यह भी जानकारी मांगी थी कि इन शिकायतों के मामले में क्या आईएमए की स्टेट बॉडी डॉ. रहेजा को किसी तरह का सहयोग कर रही है। 27 सितंबर को जांच के निर्देश शिकायत मिलने के बाद आईएमए स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. महेश शर्मा ने 27 सितंबर को बीकानेर जोनल सेक्रेटरी को पत्र लिखा। इसमें जिला इकाई से संपर्क कर सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला और डॉ. हरीश रहेजा के बीच चल रहे प्रकरण की तथ्यात्मक जांच कराने और रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। स्टेट इकाई की ओर से यह भी कहा गया कि सीएमएचओ की ओर से डॉ. रहेजा के अस्पताल में की गई जांच प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है। इसे आईएमए के जिलाध्यक्ष पद या आईएमए की स्टेट इकाई से जोड़कर देखना उचित नहीं है। आईएमए के नाम के इस्तेमाल को लेकर भी स्टेट प्रेसिडेंट ने डॉ. रहेजा के प्रति नाराजगी जताई है। जिला अध्यक्ष के चुनाव का रिकॉर्ड भी तलब मामले में स्टेट इकाई ने आईएमए की जिला इकाई के आखिरी चुनाव से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी मांगा है। जोनल सेक्रेटरी को चुनाव की तारीख, स्थान, प्रक्रिया, पदाधिकारियों के चयन और इससे जुड़े दस्तावेज जुटाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। सीएमएचओ और आईएमए जिलाध्यक्ष के बीच चल रहे विवाद के बीच स्टेट इकाई की ओर से तथ्यात्मक जांच और जिला अध्यक्ष के चुनाव से संबंधित रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद अब जोनल सेक्रेटरी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

