उत्तर प्रदेश की सियासत में साल 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रयागराज में मंगलवार को स्थानीय कार्यकर्ता सौरभ रामा ने त्रिवेणी संगम तट पर अनोखे और आक्रामक अंदाज में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की नीतियों के विरोध में प्रतीकात्मक ‘विकास घड़ा’ (पाप का घड़ा) संगम में प्रवाहित किया। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, अपराध और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से जनता त्रस्त आ चुकी है और आगामी 2027 के चुनाव में जनता PDA (सपा गठबंधन) के साथ मिलकर बदलाव का इतिहास रचेगी। चंदा चोरी से कस्टोडियल डेथ तक गिनाए आरोप
संगम तट पर अपने तीखे संबोधन में सौरभ रामा ने सरकार पर चौतरफा निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद (‘चंदा चोरी’), उन्नाव दुष्कर्म मामला, प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, गोरखपुर के मनीष हत्याकांड, चिन्मयानंद केस, लखीमपुर खीरी हिंसा, हाथरस कांड और पुलिस हिरासत में मौतों जैसे तमाम बड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो पार्टी राम भक्तों के नाम पर सत्ता में आई थी, आज उसके राज में चंदा चोरी जैसे मामले सामने आ रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने फर्जी एनकाउंटर और ऑक्सीजन संकट जैसी प्रशासनिक विफलताओं का भी हवाला दिया। हिरासत में मौत और उन्नाव केस के आंकड़े
सौरभ रामा द्वारा उठाए गए ‘कस्टोडियल डेथ’ के दावों के बीच संसद में मार्च 2026 में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़े भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसके अनुसार, 1 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच देश भर में कुल 170 कस्टोडियल डेथ दर्ज की गईं, जिनमें बिहार (19) पहले स्थान पर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में 15 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यूपी को न्यायिक हिरासत में मौतों के मामले में आगे दिखाया गया है। वहीं, बहुचर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी कुलदीप सेंगर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दूसरी ओर, पीड़िता द्वारा स्मियर कैंपेन और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोपों पर भी जांच जारी है। बेरोजगारी और युवाओं का रोष
युवाओं के गुस्से का जिक्र करते हुए सौरभ रामा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार देने के बजाय ‘लाठियां’ दे रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के रोजगार संबंधी वादों और नेताओं के बयानों पर तीखा कटाक्ष किया।
उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में युवा, किसान और महिलाएं ‘काम और रोजगार’ देने वाले प्रतिनिधियों को चुनेंगे। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश की जनता PDA (सपा गठबंधन) के समर्थन में लामबंद होकर अखिलेश यादव को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान राज्य के 26,000 से अधिक सरकारी विद्यालयों के बंद होने और चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। हालांकि, इन दावों पर राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी दलीलें हैं, लेकिन संगम तट पर ‘विकास का घड़ा’ प्रवाहित करने के इस प्रतीकात्मक और अनोखे विरोध प्रदर्शन ने प्रयागराज के सियासी गलियारों में एक बार फिर से तापमान बढ़ा दिया है।

