बांदा के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। एसपी पलाश बंसल ने हल्का एसआई राजेश कुमार और सिपाही अनुज को सस्पेंड कर दिया। दोनों पर गांव में पहले से चल रहे विवाद की गंभीरता नहीं समझने और लापरवाही बरतने का आरोप है। रात करीब 11:30 बजे एसपी ने इसकी जानकारी दी। पुराने विवाद के बावजूद नहीं भांपी स्थिति एसपी पलाश बंसल ने बताया कि नंदवारा गांव में दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हुआ था। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था और चार्जशीट दाखिल हो चुकी थी। दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। एसपी के अनुसार, हल्का एसआई और सिपाही होने के नाते दोनों पुलिसकर्मियों को स्थिति पर नजर रखनी चाहिए थी। भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका भी भांपनी चाहिए थी। ऐसा नहीं हुआ। इसी लापरवाही के चलते दोनों को निलंबित किया गया है। गड्ढे में मिले थे दोनों बच्चों के शव 30 सितंबर को भइयाराम के दो बेटों की मौत हो गई थी। दोनों के शव गांव में पानी भरे गड्ढे से मिले थे। शुरुआत में पुलिस इसे गड्ढे में डूबने की घटना मान रही थी। पोस्टमार्टम में दोनों बच्चों के सिर पर चोट के निशान मिले। इसके बाद हत्या की आशंका सामने आई और पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए थे आरोप घटना के बाद ग्रामीणों ने हल्का एसआई राजेश कुमार और सिपाही अनुज पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इसको लेकर ग्रामीणों ने हंगामा भी किया। इसके बाद पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। सात सदस्यीय SIT गठित मामले की जांच के लिए सीओ सिटी सौरभ के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। इसमें सीओ नरैनी प्रवीण कुमार, नरैनी क्राइम इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह, गिरवां थाना प्रभारी सुरेश सैनी, तिंदवारी थाना प्रभारी संदीप पटेल, बदौसा थानाध्यक्ष राधाकृष्ण, एसओजी प्रभारी आनंद और सर्विलांस प्रभारी राजेश शामिल हैं। गिरवां थाना प्रभारी सुरेश सैनी को विवेचक बनाया गया है। गड्ढा खाली कराकर जुटाए साक्ष्य पुलिस हत्या से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने पानी से भरे गड्ढे को खाली कराया। इसके बाद वहां से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं।

