Maharashtra Murder: प्रेम संबंध में पति बना बाधा तो पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की हत्या, हार्ट अटैक बताकर कर दिया अंतिम संस्कार

Maharashtra Murder: प्रेम संबंध में पति बना बाधा तो पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की हत्या, हार्ट अटैक बताकर कर दिया अंतिम संस्कार

Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के सांगली जिले में प्रेम संबंध में बाधा बन रहे पति को पत्नी ने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद इसे हार्ट अटैक से हुई मौत बताकर अंतिम संस्कार तक कर दिया गया। कपड़े, बिस्तर और तकिया जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई। करीब डेढ़ महीने बाद स्थानीय अपराध शाखा की जांच में मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

18 साल से संबंध

मृतक की पहचान डफलापूर, तहसील जत निवासी अप्पासाहेब लक्ष्मण चव्हाण (52) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में उसकी पत्नी सुनीता अप्पासाहेब चव्हाण (40), गंगाधर रामू तेली (50), विक्रांत सर्जेराव चव्हाण (23), प्रतीक लक्ष्मण मोकाशी और मृतक की नाबालिग बेटी को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार सुनीता के गंगाधर तेली के साथ करीब 18 साल से संबंध थे। पति अप्पासाहेब को इसकी जानकारी हो गई थी। वह पत्नी पर शक करता था और इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से सुनीता और गंगाधर ने अप्पासाहेब को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

एक लाख रुपए में हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि गंगाधर ने अपने परिचित विक्रांत चव्हाण को हत्या के लिए एक लाख रुपए देने की बात कही थी। इसके बाद प्रतीक मोकाशी को भी साजिश में शामिल किया गया। 22 अगस्त की रात सुनीता ने खाने में नशीली गोलियां मिला दीं। अप्पासाहेब के बेहोश होने के बाद रात करीब साढ़े 11 बजे उसने घर का दरवाजा खोलकर गंगाधर, विक्रांत और प्रतीक को अंदर बुलाया। पुलिस के मुताबिक घर में आने के बाद आरोपियों ने बाहर मौजूद कुत्ते को भी पकड़कर रखा, ताकि वह शोर न करे। इसके बाद विक्रांत ने अप्पासाहेब के हाथ पकड़े और प्रतीक ने पैर पकड़ लिए। गंगाधर ने तकिए से उनका मुंह दबाया और गला दबाकर हत्या कर दी।

हार्ट अटैक का बनाया बहाना

हत्या के बाद आरोपियों ने पूरी घटना को सामान्य मौत दिखाने की योजना बनाई। सुनीता और उसकी बेटी ऐश्वर्या ने रिश्तेदारों को बताया कि अप्पासाहेब को हार्ट अटैक आया है। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया। इतना ही नहीं हत्या से जुड़े सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने मृतक के कपड़े, बिस्तर और तकिया भी जला दिया। इस तरह मामले को प्राकृतिक मौत दिखाने की कोशिश की गई।

पूछताछ के दौरान खुला मामला

पुलिस के अनुसार स्थानीय अपराध शाखा की ओर से संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सुनीता को मिली। इसी दौरान उसने शिकायतकर्ता के सामने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। स्थानीय अपराध शाखा मामले की आगे जांच कर रही है। पुलिस निरीक्षक विजय घेरडे के नेतृत्व में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

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