भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की बैठक मंगलवार को रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में हुई। बैठक की अध्यक्षता नीरज बरनवाल ने की। इसमें मजदूरों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बोले- मजदूरों के सामने गंभीर संकट बैठक को संबोधित करते हुए सीटू बिहार राज्य कमेटी के वरिष्ठ नेता कामरेड अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि देश में मजदूर वर्ग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। केंद्र सरकार ने मजदूर हित में बने कई कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए हैं, जो मजदूर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों से मजदूरों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है। काम के घंटे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मजदूरों ने लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद आठ घंटे काम, आठ घंटे परिवार के लिए और आठ घंटे आराम का अधिकार हासिल किया था। अब इस अधिकार को भी कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीटू मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा। मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से लाल झंडे को मजबूत किया है। किसी भी परिस्थिति में मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। 1 से 3 दिसंबर तक दिल्ली में आंदोलन अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि 1 से 3 दिसंबर तक दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। इसमें बिहार से संगठित और असंगठित क्षेत्र के हजारों मजदूरों के शामिल होने की बात कही गई। सीटू के जिला सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों, चार लेबर कोड वापस लेने, मनरेगा को मजबूत करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जाएगा। 10 अक्टूबर को बेतिया में पुतला दहन शंकर कुमार राव ने बताया कि 10 अक्टूबर को बेतिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया जाएगा। बैठक में सीटू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मजदूरों को संगठित करने का निर्णय लिया। इसके लिए जिले में मजदूरों के बीच अभियान चलाने और उन्हें आंदोलन से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की बैठक मंगलवार को रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में हुई। बैठक की अध्यक्षता नीरज बरनवाल ने की। इसमें मजदूरों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बोले- मजदूरों के सामने गंभीर संकट बैठक को संबोधित करते हुए सीटू बिहार राज्य कमेटी के वरिष्ठ नेता कामरेड अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि देश में मजदूर वर्ग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। केंद्र सरकार ने मजदूर हित में बने कई कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए हैं, जो मजदूर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों से मजदूरों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है। काम के घंटे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मजदूरों ने लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद आठ घंटे काम, आठ घंटे परिवार के लिए और आठ घंटे आराम का अधिकार हासिल किया था। अब इस अधिकार को भी कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीटू मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा। मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से लाल झंडे को मजबूत किया है। किसी भी परिस्थिति में मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। 1 से 3 दिसंबर तक दिल्ली में आंदोलन अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि 1 से 3 दिसंबर तक दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। इसमें बिहार से संगठित और असंगठित क्षेत्र के हजारों मजदूरों के शामिल होने की बात कही गई। सीटू के जिला सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों, चार लेबर कोड वापस लेने, मनरेगा को मजबूत करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जाएगा। 10 अक्टूबर को बेतिया में पुतला दहन शंकर कुमार राव ने बताया कि 10 अक्टूबर को बेतिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया जाएगा। बैठक में सीटू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मजदूरों को संगठित करने का निर्णय लिया। इसके लिए जिले में मजदूरों के बीच अभियान चलाने और उन्हें आंदोलन से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।

