साइबर ठगों ने ग्वालियर की एक महिला को पहले वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 8.55 लाख रुपए का चूना लगाया। ठगी के बाद महिला ने गूगल पर रकम वापस पाने का तरीका तलाशा तो दूसरे गिरोह ने साइबर एक्सपर्ट और वकील बनकर उनसे 50 हजार रुपए और ऐंठ लिए। महिला की शिकायत पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्जी इंफोसिस प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ खेल सिटी सेंटर निवासी मीना कुशवाह ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीने पहले उन्होंने गूगल पर वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद इंफोसिस का फर्जी प्लेटफॉर्म खुला। यहां मिले मोबाइल नंबर के जरिए उन्हें टेलीग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप से जोड़ दिया गया। शुरुआत में ठगों ने छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क दिए। इन्हें पूरा करने पर मुनाफा भी दिया गया। एक टास्क पर मीना को 3900 रुपए इनाम मिला। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया। पेनल्टी लगाकर किस्तों में 8.55 लाख लिए भरोसा कायम होने के बाद ठगों ने बड़े टास्क देने शुरू किए। एक टास्क के लिए मीना से 15 हजार रुपए जमा कराए गए। टास्क पूरा करने के बाद ठगों ने प्रक्रिया गलत बताकर पेनल्टी लगा दी। इसके बाद पैसे निकालने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 1 लाख, 1.90 लाख और 3.76 लाख रुपए जमा करा लिए। इस तरह कुल 8.55 लाख रुपए लेने के बाद भी ठगों ने रकम वापस नहीं की। उल्टा पैसे निकालने के लिए 6 लाख रुपए और जमा करने को कहा। इसके बाद मीना को ठगी का अहसास हुआ। रिकवरी के नाम पर दूसरी बार ठगी ठगी के बाद मीना ने पुलिस में शिकायत करने के बजाय गूगल पर ‘गंवाए हुए पैसे वापस पाने का तरीका’ सर्च किया। सर्च के दौरान मिले एक नंबर पर उन्होंने संपर्क किया। फोन उठाने वाले ने खुद को साइबर एक्सपर्ट और वकील बताते हुए अपना नाम अशोक बताया। अशोक और उसके साथियों ने दावा किया कि वे 15 दिन में ठगी की रकम वापस दिला देंगे। इसके लिए 20 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने पुलिस एफआईआर के फर्जी स्क्रीनशॉट भी भेजे। इसके बाद कार्रवाई के नाम पर चार बार में 50 हजार रुपए और जमा करा लिए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की दूसरी बार भी रकम वापस नहीं मिलने पर मीना को दोबारा ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने आधिकारिक साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह जाटव ने बताया कि महिला से वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। साइबर अलर्ट: ठगी के बाद ‘रिकवरी एजेंट’ से भी बचें पुलिस के अनुसार, वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन टास्क से कमाई के अनजान विज्ञापनों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साइबर ठगी होने पर गूगल से किसी अनजान व्यक्ति या एजेंसी का नंबर लेकर संपर्क करने के बजाय सीधे 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।

