राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम में फेरबदल किया है। पंच-सरंपच चुनाव के तीसरे चरण में अब धनतेरस को वोटिंग नहीं होगी, धनतेरस को 3605 ग्राम पंचायतों में होने वाली वोटिंग की तारीख बदल दी गई है। धनतेरस का बड़ा पर्व होने के कारण इस दिन वोटिंग टालने के लिए कई नेताओं और संगठनों ने मांग की थी, इसके बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्टूबर को सरपंचों के चुनाव चार चरण में करवाने के लिए पहले कार्यक्रम जारी किया था। 3 अक्टूबर को जारी कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर और चौथे चरण में 16 नवंबर को वोटिंग होनी थी। तीसरे चरण में 3605 ग्राम पंचायतों में धनतेरस पर वोटिंग रखी थी, जिसे अब बदला है। राजस्थान में कुल कितने मतदाता डालेंगे वोट सरपंच चुनाव में वोटिंग के दिन ही आएगा रिजल्ट सरपंच चुनाव में वोटिंग के दिन ही देर रात तक नतीजे घोषित होंगे। 3 अक्टूबर को पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लग चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग 4 चरणों में चुनाव करवाएगा, केवल जयपुर जिले में ही चार चरण में चुनाव हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के पहले चरण के तहत 23 अक्टूबर, दूसरे चरण में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर, चौथे चरण में 14 नवंबर को वोटिंग होगी। 20 नवंबर को परिणाम आएंगे। 37 जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव होगा। कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में प्रमुख और प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। यहां जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में होगा। हालांकि जिला परिषद के मेंबर और पंचायत समिति मेंबर के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे। दो दिन के अंतराल पर दूसरी बार वोटिंग इस बार मतदाताओं को दो दिन में ही दूसरी बार वोट डालना पड़ेगा। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समित सदस्य का मतदान एक साथ होगा। वहीं इसके दो दिन बाद पंच-सरपंच का चुनाव होगा। कौनसे चरण में कहां होगा चुनाव… जयपुर में चार चरण में होंगे चुनाव राजस्थान के 37 जिलों में 50 दिन तक चुनावी प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 अक्टूबर से 28 नवंबर तक पंचायतीराज चुनाव के अलग-अलग चरण होंगे। जयपुर में सबसे ज्यादा चार चरण में चुनाव होंगे। जैसलमेर, फलोदी और सलूंबर में एक चरण में, झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालोर और उदयपुर में तीन चरण और 30 जिलों में दो चरण में चुनाव होंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य और प्रमुख-प्रधान का पिछला रिजल्ट… ग्रामीण इलाकों में उद्घाटन,शिलान्यास नहीं होंगे आयोग के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लग गई। तबादलों पर पाबंदी लग गई। मंत्री अब अपने इलाकों में सरकारी गाड़ी से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस व डाक बंगलों में नहीं ठहर सकेंगे। सरकार नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। पहले से चल रहे काम जारी रह सकेंगे, जिन टेंडरों का काम पहले से प्रक्रिया में है, उन पर रोक नहीं होगी। आचार संहिता में ऐसी कोई सरकारी घोषणा नहीं हो सकती जिससे वोटर प्रभावित हो। 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे: इन चुनावों में 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे। 80 हजार से ज्यादा महिलाएं पंचायतीराज जनप्रतिनिधि बनेंगी पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। 1.69 लाख में से आधी महिलाएं चुनकर आएंगी। 14403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी। वहीं 457 में से 221 प्रधान महिला होंगी। ……. ये खबर भी पढ़ें… 1. राजस्थान में 4 चरणों में होंगे पंचायत चुनाव:20 नवंबर को आएगा परिषद और पंचायत समिति सदस्य का रिजल्ट; 16 नवंबर तक होंगे सरपंच के चुनाव 2. सरपंच और प्रधान कौन बन पाएंगे:शौचालय नहीं तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! 2 से ज्यादा बच्चे और 8वीं फेल का क्या होगा? जानिए-क्या दस्तावेज चाहिए 3. CM भजनलाल थे सरपंच, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा प्रधान:किरोड़ी, जूली और विश्वेंद्र सिंह जिला प्रमुख; पंचायत चुनावों से कई दिग्गज चढ़े सत्ता की सीढ़ी

