US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो ने उन सुझावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि UK के RAF फेयरफोर्ड से अमेरिकी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को हटाना सीधे तौर पर किसी सुरक्षा खतरे से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि मिलिट्री एसेट्स (सैन्य संसाधनों) की यह आवाजाही नियमित रोटेशन और री-डिप्लॉयमेंट का हिस्सा थी।
आइसलैंड, ग्रीस और पुर्तगाल के लिए रवाना होने से पहले जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बात करते हुए, रुबियो ने कहा कि US का रक्षा विभाग लगातार संसाधनों को वहां भेज रहा है जहां उनकी जरूरत है, साथ ही उन्होंने नियमित रोटेशन की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि फेयरफोर्ड में विमानों की संख्या पर इसलिए ध्यान है क्योंकि पिछले हफ्ते खतरा सामने आया था, जबकि अभ्यासों, री-डिप्लॉयमेंट और नए-पुराने विमानों के आने-जाने के आधार पर रोटेशन असामान्य नहीं है।
सभी बॉम्बर्स भेजे गए अमेरिका
CNN ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अज्ञात नए खतरे के बाद RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को अमेरिका में उनके होम स्टेशन वापस बुला लिया गया। अधिकारी ने खतरे की प्रकृति या विमान हटाने की वजह नहीं बताई। एक सूत्र ने इसे असल दुनिया की घटना बताया और कहा कि बॉम्बर्स को इलाके के किसी दूसरे बेस के बजाय होम स्टेशन भेजना असामान्य था।
RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर्स की तैनाती के लिए हुआ है और यह US ग्लोबल स्ट्राइक कमांड का ऑपरेटिंग लोकेशन है।
कथित ईरानी साजिश और गिरफ्तारियां
यह फैसला ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साज़िश में कई गिरफ्तारियों के कुछ दिनों बाद आया। ब्रिटिश पुलिस ने 27 सितंबर को फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के शक में लंदन इलाके के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। तीन वैन में कोई विस्फोटक नहीं मिला। गुरुवार को 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। ईरान ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया।
ब्रिटेन ने भरपूर सहयोग किया
फेयरफोर्ड की सुरक्षा पर भरोसे के सवाल पर रुबियो ने कहा कि, हमें अपने सभी बेस की सुरक्षा पर भरोसा है, क्योंकि हमारे सभी बेस पर सैद्धांतिक रूप से किसी भी समय खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जांच समेत हर मामले में ब्रिटिश अधिकारियों ने इससे ज्यादा सहयोग नहीं किया जा सकता था।




The US pulled all 12 B-1 bombers out of Britain over intelligence of an Iranian drone attack plotted from British soil
The U.S. pulled its bombers out of RAF Fairford, and everyone has a different story about why.