मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी और आरटीए विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार की देर शाम ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने गोकलगढ़ मार्ग और एनएच-48 पर जांच करते हुए नौ ओवरलोड वाहनों को इंपाउंड किया और इन पर कुल 6 लाख 47 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने वाहन चालकों को निर्धारित क्षमता से अधिक भार नहीं भरने की हिदायत भी दी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के निरीक्षक राजेश कुमार और आरटीए विभाग के डीटीएसआई गुरतेज सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सबसे पहले गोकलगढ़ मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की जांच की। जांच के दौरान पांच वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलते मिले। टीम ने इन वाहनों को मौके पर इंपाउंड कर निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया। पांचों वाहनों पर कुल 3 लाख 81 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। एनएच-48 पर भी चार वाहन पकड़े गोकलगढ़ मार्ग पर कार्रवाई के बाद संयुक्त टीम ने एनएच-48 पर ओवरलोड वाहनों की जांच की। यहां जांच के दौरान चार वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलते मिले। इन चारों वाहनों को भी इंपाउंड कर पार्किंग में खड़ा कराया गया। इन पर कुल 2 लाख 66 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। निर्धारित क्षमता से अधिक भार नहीं ले जाने की हिदायत संयुक्त टीम के अनुसार, दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान कुल नौ ओवरलोड वाहन पकड़े गए। इन सभी पर मिलाकर 6 लाख 47 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। टीम ने वाहन चालकों को निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सामान लोड करने की हिदायत दी। अधिकारियों ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क सुरक्षा पर असर पड़ने के साथ वाहनों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कार्रवाई के दौरान टीम ने वाहनों की जांच और वजन से संबंधित प्रक्रिया पूरी की। मौके पर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई और संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी कराए गए। विभाग की इस कार्रवाई से ओवरलोड वाहन चलाने वालों में हड़कंप रहा।

