दरभंगा में मुजफ्फरपुर की नाबालिग लड़की का शव मिला:हत्या कर लाश फेंकने की आशंका, घर से पिता समेत परिवार के सदस्य फरार; ऑनर किलिंग के एंगल से जांच

दरभंगा में मुजफ्फरपुर की नाबालिग लड़की का शव मिला:हत्या कर लाश फेंकने की आशंका, घर से पिता समेत परिवार के सदस्य फरार; ऑनर किलिंग के एंगल से जांच

दरभंगा के कमतौल में नाबालिग लड़की(16) की लाश मिलने के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस उसके परिजनों की भूमिका और कथित ऑनर किलिंग के एंगल से मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद किशोरी के पिता समेत परिवार के अन्य सदस्य घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 23 सितंबर को मालपट्टी-हरिहरपुर मार्ग पर सिसवनी के सुनसान इलाके में सड़क किनारे खेत से किशोरी का शव बरामद हुआ था। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने आसपास के थानों से संपर्क किया और तस्वीर साझा कर पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। 10 दिन बाद तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से मृतका की पहचान हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला की किशोरी मुजफ्फरपुर के जजुआर थाना क्षेत्र के टेकवारा गांव की रहने वाली थी। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची तो किशोरी का घर बंद मिला। पुलिस के अनुसार, उसके पिता समेत परिवार के सदस्य घटना के बाद से फरार हैं। जजुआर थानाध्यक्ष रौशन कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों की ओर से किशोरी की हत्या किए जाने के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। पिता समेत परिवार के सदस्य फरार हैं, जिसके चलते पुलिस ऑनर किलिंग की आशंका को भी जांच में शामिल कर रही है। गले पर निशान, मारपीट की आशंका कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी के अनुसार, शव की स्थिति देखने से किशोरी के साथ मारपीट किए जाने की आशंका है। उसके नाक और मुंह से खून निकल रहा था। गले पर यू-शेप में पतला काला निशान भी मिला है, जिससे तार या किसी पतली वस्तु से गला घोंटे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस को किशोरी के कथित प्रेम-प्रसंग की जानकारी भी मिली है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। सुनसान इलाके में मिला था शव मालपट्टी-हरिहरपुर पुलिया के दक्षिण सड़क किनारे खेत में शव मिलने के बाद कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी और एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन मौके पर पहुंचे थे। घटनास्थल की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को बुलाया गया था। टीम ने मौके से आवश्यक नमूने एकत्र किए थे। एसडीपीओ के अनुसार, शव मिलने वाले स्थान के करीब दो किलोमीटर उत्तर और दक्षिण तक कोई घर नहीं है। शाम छह बजे के बाद सड़क पर आवाजाही भी काफी कम हो जाती है। इसलिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि किशोरी की हत्या कहां हुई और शव को वहां किसने पहुंचाया। शव पांच दिन तक रहा लावारिस किशोरी की पहचान नहीं होने के कारण उसका शव डीएमसीएच में सुरक्षित रखा गया था। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटा रही थी। कमतौल पुलिस द्वारा मृतका की तस्वीर विभिन्न थानों में साझा किए जाने के बाद उसकी पहचान जजुआर के टेकवारा गांव से हुई। अब पुलिस हत्या की वजह, कथित प्रेम-प्रसंग, परिजनों की भूमिका और शव को मुजफ्फरपुर से दरभंगा लाकर फेंकने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस फरार परिजनों की तलाश कर रही है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के कमतौल में नाबालिग लड़की(16) की लाश मिलने के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस उसके परिजनों की भूमिका और कथित ऑनर किलिंग के एंगल से मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद किशोरी के पिता समेत परिवार के अन्य सदस्य घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 23 सितंबर को मालपट्टी-हरिहरपुर मार्ग पर सिसवनी के सुनसान इलाके में सड़क किनारे खेत से किशोरी का शव बरामद हुआ था। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने आसपास के थानों से संपर्क किया और तस्वीर साझा कर पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। 10 दिन बाद तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से मृतका की पहचान हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला की किशोरी मुजफ्फरपुर के जजुआर थाना क्षेत्र के टेकवारा गांव की रहने वाली थी। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची तो किशोरी का घर बंद मिला। पुलिस के अनुसार, उसके पिता समेत परिवार के सदस्य घटना के बाद से फरार हैं। जजुआर थानाध्यक्ष रौशन कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों की ओर से किशोरी की हत्या किए जाने के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। पिता समेत परिवार के सदस्य फरार हैं, जिसके चलते पुलिस ऑनर किलिंग की आशंका को भी जांच में शामिल कर रही है। गले पर निशान, मारपीट की आशंका कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी के अनुसार, शव की स्थिति देखने से किशोरी के साथ मारपीट किए जाने की आशंका है। उसके नाक और मुंह से खून निकल रहा था। गले पर यू-शेप में पतला काला निशान भी मिला है, जिससे तार या किसी पतली वस्तु से गला घोंटे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस को किशोरी के कथित प्रेम-प्रसंग की जानकारी भी मिली है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। सुनसान इलाके में मिला था शव मालपट्टी-हरिहरपुर पुलिया के दक्षिण सड़क किनारे खेत में शव मिलने के बाद कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी और एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन मौके पर पहुंचे थे। घटनास्थल की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को बुलाया गया था। टीम ने मौके से आवश्यक नमूने एकत्र किए थे। एसडीपीओ के अनुसार, शव मिलने वाले स्थान के करीब दो किलोमीटर उत्तर और दक्षिण तक कोई घर नहीं है। शाम छह बजे के बाद सड़क पर आवाजाही भी काफी कम हो जाती है। इसलिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि किशोरी की हत्या कहां हुई और शव को वहां किसने पहुंचाया। शव पांच दिन तक रहा लावारिस किशोरी की पहचान नहीं होने के कारण उसका शव डीएमसीएच में सुरक्षित रखा गया था। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटा रही थी। कमतौल पुलिस द्वारा मृतका की तस्वीर विभिन्न थानों में साझा किए जाने के बाद उसकी पहचान जजुआर के टेकवारा गांव से हुई। अब पुलिस हत्या की वजह, कथित प्रेम-प्रसंग, परिजनों की भूमिका और शव को मुजफ्फरपुर से दरभंगा लाकर फेंकने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस फरार परिजनों की तलाश कर रही है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

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