भिवानी के सिवानी में गधे की मौत के बाद गौ रक्षा दल ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया और प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही कहा कि बेजुबान गधा तड़प-तड़पकर मरा, क्या उसे जीने का हक नहीं। गधे को चोट मारने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गौ रक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने कहा कि सिवानी में एक बेजुबान गधे को डंडों से पीट-पीटकर उसकी टांग तोड़ दी गई थी, सिर फोड़ दिया था। जिसके कारण बेजुबान गधे ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। उस जीव को न्याय दिलाने और दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर गौरक्षा दल भिवानी ने लघु सचिवालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है। समय रहते पुलिस ने नहीं की कार्रवाई संजय परमार ने कहा कि क्या इस दुनिया में एक बेजुबान गधे को जीने का अधिकार नहीं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा 27 सितंबर को इस क्रुरता के खिलाफ सिवानी थाना में शिकायत दी गई थी। लेकिन जांच अधिकारी ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दो दिनों तक वे एसएचओ के सामने गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्होंने भी इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब उनके द्वारा डीएसपी सिवानी से प्रार्थना की। इसके बाद जाकर 30 सितंबर को पुलिस ने बेजुबान का मेडिकल करवाया और आरोपी को ही इलाज कराने के लिए बाध्य किया। जो कार्रवाई 27 तारीख को होनी चाहिए थी, उसमें पुलिस ने जानबूझकर ढिलाई बरती। आरोपी की दरिंदगी और पुलिस के इस ढुलमुल व लापरवाह रवैये के कारण बेजुबान गधे की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

