नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर दिल्ली में रोहिणी जिला पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हेरोइन बनाने की अवैध इकाई का भंडाफोड़ करते हुए अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोह के चार लोगों किया है और उनके कब्जे से 7.076 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के रोहतक निवासी 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा, दिल्ली के रघुबीर नगर निवासी 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला, उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी 35 वर्षीय बबलू और बरेली का ही रुकसार अली उर्फ राजू शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर को बेगमपुर इलाके में मादक पदार्थों की आवाजाही की सूचना के आधार पर सेक्टर-32 में एक कार को रोका गया और लक्ष्मण हुड्डा को पकड़ा गया। उसकी कार से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 17 सितंबर को अनिल उर्फ भोला को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया और उसकी कार से 501 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
पुलिस के मुताबिक, वह पहले 12 मामलों में शामिल रहा है और भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज एनडीपीएस मामले में अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया था। बाद में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच और तकनीकी निगरानी के आधार पर चार अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में हेरोइन बनाने की इकाई पर छापा मारा गया, जहां बबलू को पकड़ा गया और 6.275 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई।
अधिकारी ने बताया कि छापे के दौरान 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, एक टब, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन, पॉलीथीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, लकड़ी की टोकरी और हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई। उन्होंने बताया कि बबलू से मिली जानकारी के आधार पर विनिर्माण इकाई के मुख्य आपूर्तिकर्ता और मालिक रुकसार अली उर्फ राजू को बरेली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश तक फैले अंतरराज्यीय हेरोइन आपूर्ति और विनिर्माण नेटवर्क का पता चला है।
मामले में आगे की जांच जारी है।

