नागौर में रिटर्निंग अधिकारियों की ट्रेनिंग:राजनीतिक दलों से चर्चा की; खर्च से लेकर आचार संहिता के समझाए नियम

नागौर में रिटर्निंग अधिकारियों की ट्रेनिंग:राजनीतिक दलों से चर्चा की; खर्च से लेकर आचार संहिता के समझाए नियम

पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पहले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसके बाद रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सुबह 10 से 11 बजे तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित हुई। इसमें पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में निर्वाचन व्यय के लिए दर निर्धारण, आदर्श आचार संहिता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने कहा कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को निर्वाचन आयोग के नियमों और आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करनी होगी। पोस्टर-बैनर से लाउडस्पीकर के नियम बताए कलेक्टर ने चुनाव प्रचार के दौरान बैनर-पोस्टर लगाने, झंडे लगाने और लाउडस्पीकर के उपयोग सहित इनके लिए जरूरी अनुमतियों की जानकारी दी। साथ ही चुनावी खर्च के आकलन और उसकी निगरानी से जुड़े नियम भी समझाए। उन्होंने पुराने भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के साथ वर्तमान में लागू भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 से संबंधित प्रावधानों के बारे में भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया। बैठक में कांग्रेस के राधेश्याम सांगवा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के किशनाराम पिण्डेल और भाजपा के गोविंद प्रकाश सोनी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। 11 बजे से अधिकारियों की ट्रेनिंग राजनीतिक दलों के साथ बैठक के बाद सुबह 11 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय के सभागार में रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में पंचायतीराज चुनाव की पूरी प्रक्रिया और अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई। जिले के सभी संबंधित रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारी प्रशिक्षण में मौजूद रहे। प्रशिक्षण प्रकोष्ठ की ओर से पीपीटी के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषयों को समझाया गया। पंचायतीराज चुनाव को लेकर यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव के दौरान रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की जिम्मेदारी नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक अहम रहेगी।

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