उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अरमान को यूपी पुलिस गया जेल से प्रयागराज ला रही है। रविवार शाम करीब 6 बजे ट्रांजिट रिमांड की कॉपी मिलने के बाद पुलिस ने अरमान को कस्टडी में लिया। बिहार पुलिस की मौजूदगी में उसे गया सेंट्रल जेल से बाहर निकाला गया। मेडिकल कराने के बाद पुलिस उसे सड़क मार्ग से प्रयागराज लेकर रवाना हुई। यूपी पुलिस अरमान को सोमवार को प्रयागराज की जिला कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस उसे उमेश पाल हत्याकांड की जांच में शामिल करेगी और मामले से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। दूसरे मामले में गया जेल में बंद था अरमान उमेश पाल हत्याकांड के बाद से यूपी पुलिस अरमान की तलाश कर रही थी। बाद में पता चला कि वह बिहार के गया जेल में दूसरे मामले में बंद है। इसके बाद यूपी पुलिस ने उसे प्रयागराज लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की थी। अतीक का शूटर बताया गया है अरमान पुलिस के मुताबिक, अरमान माफिया अतीक अहमद का शूटर था। उमेश पाल हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। प्रयागराज लाए जाने के बाद पुलिस उससे हत्याकांड से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। शाइस्ता और जैनब के बारे में भी जानकारी जुटाएगी पुलिस हत्याकांड के बाद से अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा फरार हैं। पुलिस अरमान से पूछताछ के दौरान इनके संपर्क में रहने, संभावित ठिकानों और इनके बारे में किसी अन्य जानकारी का पता लगाने का प्रयास करेगी। हालांकि, अरमान से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वह शाइस्ता और जैनब के संबंध में पुलिस को कोई अहम जानकारी देता है या नहीं। शूटर अरमान की 2 तस्वीरें… परिवार बोला- पुलिस ने हमें जानकारी नहीं दी अरमान को यूपी ले जाने की सूचना के बाद उसके पिता शमीम और मां असगरी खातून को एनकाउंटर का डर सता रहा है। उनका कहना है कि यूपी ले जाते ही उनके बेटे का एनकाउंटर हो सकता है। अरमान के पिता ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अरमान को यूपी पुलिस के हवाले न करने की मांग की थी। उनका कहना है कि अगर पुलिस को पूछताछ करनी है, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाए।
मां ने कहा- उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा आरोपी अरमान के पिता शमीम ने कहा- उमेश पाल हत्याकांड के ज्यादातर आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अरमान का भी हथियार बरामदगी के नाम पर एनकाउंटर किया जा सकता है। मां असगरी खातून ने कहा कि मेरे बेटे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हमारा परिवार बहुत गरीब है। हमारे पास रहने के लिए अपना पक्का मकान तक नहीं है। उन्होंने बताया कि अरमान पहले प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था। वह कोई पेशेवर अपराधी या बड़ा शूटर नहीं है। वह पिछले 3 साल से जेल में बंद है। उन्होंने सीएम योगी और प्रशासन से अरमान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। अरमान के छोटे भाई इमरान ने कहा कि पहले भी हम आशंका जता चुके हैं कि भाई की जान को खतरा है। अब यूपी पुलिस उसे प्रयागराज ले गई है। डर है कि अरमान के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। अदालत का जो भी फैसला होगा, परिवार उसे स्वीकार करेगा। लेकिन, अरमान को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अरमान के वकील बोले- जेल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत गया के मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार की कोर्ट में अरमान के माता-पिता की अर्जी पर 1 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने अरमान के घरवालों और वकील की अर्जी को खारिज कर दिया था। अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है। वकील ने पुलिस और जेल प्रशासन पर आरोप लगाए। कहा- अरमान की जान को खतरा है। यूपी में अरमान की हत्या हो सकती है। यूपी पुलिस और गयाजी सेंट्रल जेल प्रशासन की मिलीभगत से मोहम्मद अरमान की हत्या करने की साजिश रची जा रही है। हमने कोर्ट में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अरमान 27 फरवरी, 2023 से गया जेल में बंद है। उसे यूपी के मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। अब जानिए कैसे गयाजी जेल तक पहुंची यूपी पुलिस यूपी पुलिस पिछले 3 साल से अरमान की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि वह गयाजी सेंट्रल जेल में बंद है। सूचना मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गयाजी जेल पहुंची। वहां पुलिस ने अरमान की ताजा तस्वीर ली और सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस प्रयागराज लौट आई। इसके बाद 1 अक्टूबर को गया कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की। गुड्डू मुस्लिम के साथ गोलीबारी करते दिखा था अरमान 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। फुटेज में एक बाइक सवार नजर आया था। पुलिस के मुताबिक, बाइक अरमान चला रहा था और पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। अरमान ही गुड्डू मुस्लिम को बाइक से घटनास्थल तक लेकर आया था। बाइक रुकते ही गुड्डू मुस्लिम ने फायरिंग शुरू कर दी। अरमान ने भी गोलियां चलाईं। वारदात के बाद दोनों बाइक से मौके से फरार हो गए थे। ——————-

