‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन’ (WHO) की साल 2025 की रिपोर्ट बताती है कि 2021 में पूरी दुनिया में चिकनपॉक्स के तकरीबन 8.67 करोड़ केस दर्ज किए गए। वहीं इस बीमारी से 13,931 लोगों की मौत हुई। चिकनपॉक्स एक कॉमन बीमारी है। अक्सर छोटे बच्चों को होती है। हालांकि यह स्मॉलपॉक्स की तरह गंभीर नहीं है, लेकिन कई मामलों में हो भी सकती है। हालांकि वैक्सिनेशन और संक्रमित व्यक्ति से दूरी समेत कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में चिकनपॉक्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. रोहित शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- चिकनपॉक्स क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- भारत में हर साल कितने बच्चों को चिकनपॉक्स होता है? जवाब- साल 2026 की शुरुआत में अकेले केरल में करीब दो महीने के भीतर चिकनपॉक्स के 8,851 मामले दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें ज्यादातर मरीज बच्चे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों में चिकनपॉक्स का संक्रमण बेहद कॉमन है। हालांकि, पूरे भारत में हर साल कितने बच्चों को चिकनपॉक्स होता है, इसका सटीक राष्ट्रीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। सवाल- क्या चिकनपॉक्स की कोई वैक्सीन है? जवाब- हां, चिकनपॉक्स से बचाव के लिए ‘वेरिसेला’ वैक्सीन दी जाती है। यह वैक्सीन चिकनपॉक्स के संक्रमण और उससे जुड़े गंभीर कॉम्प्लिकेशंस से बचाने में मदद करती है। डॉक्टर की सलाह से जरूरत और उम्र के अनुसार इसकी डोज दी जाती है। सवाल- क्या यह वैक्सीन भारत सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है? जवाब- नहीं। चिकनपॉक्स की वैक्सीन राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है। हालांकि इसकी वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है और पेरेंट्स डॉक्टर की सलाह से अपने बच्चों को ये वैक्सीन लगवा सकते हैं। सवाल- चिकनपॉक्स वैक्सीन राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा क्यों नहीं है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- चिकनपॉक्स के लक्षण और संकेत क्या हैं? जवाब- इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 10-21 दिन के बाद दिखाई देते हैं। शुरुआत में बुखार, थकान और भूख कम लगना जैसे संकेत दिखते हैं। साथ ही शरीर पर दाने निकलते हैं, जो फफोले बन जाते हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या चिकनपॉक्स अपने आप ठीक हो जाता है या डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- यूं तो यह कोई जानलेवा बीमारी नहीं है। 1-2 हफ्ते में चिकनपॉक्स से रिकवरी भी हो जाती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं है। बुखार होते या शरीर पर दाने निकलते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए और घर के अन्य सदस्यों को मरीज से दूर रखना चाहिए। सवाल- बच्चे को चिकनपॉक्स हो जाए तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इस दौरान हाइजीन का बहुत ध्यान रखें और बच्चे को पर्याप्त नींद लेने दें। दानों को खुजलाने से रोकें, पर्याप्त पानी पिलाएं और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न दें। ग्राफिक में सभी सावधानियां देखिए- सवाल- बच्चे को खाने-पीने में क्या चीजें देनी चाहिए और क्या नहीं देना चाहिए? जवाब- चिकनपॉक्स होने पर बच्चे को पर्याप्त मात्रा में लिक्विड और हल्का, पौष्टिक व सुपाच्य खाना दें। इसे पॉइंटर्स से समझिए- क्या खिलाएं? क्या न दें? सवाल- क्या चिकनपॉक्स गंभीर भी हो सकता है? क्या कोई इमरजेंसी साइन होते हैं? जवाब- आमतौर पर ऐसा नहीं होता। लेकिन अगर नीचे ग्राफिक में दिए संकेत दिखें तो तुरंत एक्शन लें- सवाल- क्या एक संक्रमित बच्चे से घर के अन्य लोगों को भी चिकनपॉक्स हो सकता है? जवाब- हां, जिन लोगों को पहले कभी चिकनपॉक्स नहीं हुआ या वैक्सीन नहीं लगी है, उनमें संक्रमण का रिस्क ज्यादा होता है। आमतौर पर दाने निकलने से करीब 1-2 दिन पहले से लेकर फफोलों पर पपड़ी बनने तक बच्चे के संपर्क में आने वालों को संक्रमण हो सकता है। सवाल- किन लोगों को इस संक्रमण का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- चिकनपॉक्स किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण का रिस्क ज्यादा रहता है। डिटेल ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या इसमें खुद से एंटीबायोटिक लेना सही है? जवाब- नहीं, चिकनपॉक्स हो या कोई भी बीमारी, कभी भी अपने मन से एंटीबायोटिक नहीं लेनी चाहिए। एंटीबायोटिक दवाएं हमेशा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन से ही लें। सवाल- बच्चों को चिकनपॉक्स की वैक्सीन कब-कब लगती है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या वैक्सीन लगने के बाद भी चिकनपॉक्स हो सकता है? जवाब- हां, वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी चिकनपॉक्स हो सकता है। इसे ’ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन’ (टीका लगने के बाद भी संक्रमण) कहा जाता है। इसमें आमतौर पर बीमारी हल्की रहती है और फफोले कम होते हैं। ……………………. ग्राफिक- महेंद्र वर्मा …………………….. ये खबर भी पढ़ें… फिजिकल हेल्थ- 14 करोड़ लोगों की किडनी खराब:सरकार की सिफारिश- साल में दो बार कराएं KFT, डॉक्टर से जानें हर जरूरी सवाल का जवाब पिछले दिनों स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) को लेकर एक सिफारिश की। इसमें 20 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को हर 6 महीने में KFT कराने की बात कही गई है। पूरी खबर पढ़ें…
फिजिकल हेल्थ- बच्चे को चिकनपॉक्स तो सावधान:लापरवाही नहीं, डॉक्टर से समझें क्या दवा दें, कैसे केयर करें, क्या सावधानियां बरतें

