पश्चिम चंपारण के सहोदरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के पास रविवार को गन्ने के खेत में घात लगाकर बैठे बाघ ने हमला कर 9 बकरियों को मार डाला। घटना मटियार सरेह की है, जो जंगल से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बाघ के हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बकरियां चराने पहुंचीं थीं तीन महिलाएं पशुपालक छठीया देवी, लालती देवी और मानती देवी अपनी बकरियों को चराने मटियार सरेह पहुंची थीं। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने अचानक बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियों की चीख और बाघ की दहाड़ सुनकर तीनों महिलाएं डर गईं और मौके से भागकर अपनी जान बचाई। दहाड़ सुनकर ग्रामीणों में मची अफरातफरी घटना की जानकारी मिलते ही पशुपालकों ने वन विभाग को सूचना दी। पशुपालकों का आरोप है कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचने में देर कर दी। इसी दौरान बाघ ने बकरियों पर लगातार हमला किया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी डर का माहौल है। कर्ज लेकर खरीदी थीं बकरियां, बड़ा नुकसान पशुपालकों के मुताबिक, उन्होंने जीविका से कर्ज लेकर बकरियां खरीदी थीं। बाघ के हमले में 9 बकरियों की मौत से उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित पशुपालकों ने वन विभाग से नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। जंगल से दो किमी दूर बाघ की मौजूदगी से चिंता मटियार सरेह जंगल से करीब दो किलोमीटर दूर है। ऐसे में आबादी और खेतों के आसपास बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। पश्चिम चंपारण के सहोदरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के पास रविवार को गन्ने के खेत में घात लगाकर बैठे बाघ ने हमला कर 9 बकरियों को मार डाला। घटना मटियार सरेह की है, जो जंगल से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बाघ के हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बकरियां चराने पहुंचीं थीं तीन महिलाएं पशुपालक छठीया देवी, लालती देवी और मानती देवी अपनी बकरियों को चराने मटियार सरेह पहुंची थीं। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने अचानक बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियों की चीख और बाघ की दहाड़ सुनकर तीनों महिलाएं डर गईं और मौके से भागकर अपनी जान बचाई। दहाड़ सुनकर ग्रामीणों में मची अफरातफरी घटना की जानकारी मिलते ही पशुपालकों ने वन विभाग को सूचना दी। पशुपालकों का आरोप है कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचने में देर कर दी। इसी दौरान बाघ ने बकरियों पर लगातार हमला किया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी डर का माहौल है। कर्ज लेकर खरीदी थीं बकरियां, बड़ा नुकसान पशुपालकों के मुताबिक, उन्होंने जीविका से कर्ज लेकर बकरियां खरीदी थीं। बाघ के हमले में 9 बकरियों की मौत से उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित पशुपालकों ने वन विभाग से नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। जंगल से दो किमी दूर बाघ की मौजूदगी से चिंता मटियार सरेह जंगल से करीब दो किलोमीटर दूर है। ऐसे में आबादी और खेतों के आसपास बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।

