बिहार विधान परिषद के 05-दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी सीए आदित्य झा ने रविवार को देर शाम निजी होटल में पीसी की। चुनावी अभियान और मुद्दों को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा कि सोमवार को वह अपना नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा से टिकट के लिए प्रयास कर रहा था और भाजपा के समर्थक हूं, लेकिन पार्टी ने किसी अन्य प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया है। कहा कि संभव है पार्टी नेतृत्व को उन पर उतना विश्वास नहीं हुआ हो, लेकिन उन्हें क्षेत्र के लोगों का लगातार समर्थन मिल रहा है। पार्टी का समर्थन नहीं मिलने के बावजूद वे चुनाव मैदान में हैं। सीए आदित्य झा ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव शिक्षित और समझदार मतदाताओं का चुनाव है। यह चुनाव केवल पार्टी के सिंबल पर नहीं, बल्कि प्रत्याशी की विचारधारा, व्यक्तिगत संबंध और मतदाताओं के बीच उसकी स्वीकार्यता पर भी निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “पार्टी मेरे साथ रहे या नहीं, मैं लोगों के साथ हूं और सदैव उनके साथ रहूंगा।” उन्होंने कहा कि वे पिछले करीब 10 महीने से दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के गांवों में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। रोजगार के लिए राजनीति में आने की बात कही आदित्य झा ने कहा कि बड़े संस्थानों और कंपनियों के साथ काम करने के साथ मैं अपना फर्म भी चला रहा, लेकिन अब अपने समाज और क्षेत्र के लिए काम करना चाहता हूं। बिहार ज्ञान की पूंजी है। यहां के लोग पढ़-लिखकर दूसरे राज्यों में जाते हैं और वहां की कंपनियों और अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देते हैं, लेकिन अपने समाज और प्रदेश के विकास में उसी स्तर पर योगदान नहीं दे पाते।
उन्होंने कहा कि शिक्षित वर्ग को राजनीति में आने की जरूरत है, ताकि युवाओं को रोजगार, बच्चों को बेहतर अवसर और लोगों को बेहतर व्यवस्था मिल सके। “जो दिमाग दूसरों के लिए काम कर रहा है, वह अपने समाज, गांव और लोगों के लिए भी काम करे, इसी उद्देश्य से मैंने यह जिम्मेदारी उठाई है।”
रोजगार की घोषणा, लॉलीपॉप देना जैसा वर्तमान एमएलसी पर निशाना साधते हुए आदित्य झा ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर में अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई जगहों पर लाइब्रेरी के उद्घाटन किए जा रहे हैं। वर्ष 2026 में युवा मतदाता जागरूक हैं और पिछले छह वर्षों के काम का हिसाब मांग रहे हैं। प्रशांत किशोर ने दरभंगा में 10 हजार युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की, इसपर उन्होंने कहा कि यह युवाओं को “लॉलीपॉप” देने जैसा है। बिहार विधान परिषद के 05-दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी सीए आदित्य झा ने रविवार को देर शाम निजी होटल में पीसी की। चुनावी अभियान और मुद्दों को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा कि सोमवार को वह अपना नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा से टिकट के लिए प्रयास कर रहा था और भाजपा के समर्थक हूं, लेकिन पार्टी ने किसी अन्य प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया है। कहा कि संभव है पार्टी नेतृत्व को उन पर उतना विश्वास नहीं हुआ हो, लेकिन उन्हें क्षेत्र के लोगों का लगातार समर्थन मिल रहा है। पार्टी का समर्थन नहीं मिलने के बावजूद वे चुनाव मैदान में हैं। सीए आदित्य झा ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव शिक्षित और समझदार मतदाताओं का चुनाव है। यह चुनाव केवल पार्टी के सिंबल पर नहीं, बल्कि प्रत्याशी की विचारधारा, व्यक्तिगत संबंध और मतदाताओं के बीच उसकी स्वीकार्यता पर भी निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “पार्टी मेरे साथ रहे या नहीं, मैं लोगों के साथ हूं और सदैव उनके साथ रहूंगा।” उन्होंने कहा कि वे पिछले करीब 10 महीने से दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के गांवों में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। रोजगार के लिए राजनीति में आने की बात कही आदित्य झा ने कहा कि बड़े संस्थानों और कंपनियों के साथ काम करने के साथ मैं अपना फर्म भी चला रहा, लेकिन अब अपने समाज और क्षेत्र के लिए काम करना चाहता हूं। बिहार ज्ञान की पूंजी है। यहां के लोग पढ़-लिखकर दूसरे राज्यों में जाते हैं और वहां की कंपनियों और अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देते हैं, लेकिन अपने समाज और प्रदेश के विकास में उसी स्तर पर योगदान नहीं दे पाते।
उन्होंने कहा कि शिक्षित वर्ग को राजनीति में आने की जरूरत है, ताकि युवाओं को रोजगार, बच्चों को बेहतर अवसर और लोगों को बेहतर व्यवस्था मिल सके। “जो दिमाग दूसरों के लिए काम कर रहा है, वह अपने समाज, गांव और लोगों के लिए भी काम करे, इसी उद्देश्य से मैंने यह जिम्मेदारी उठाई है।”
रोजगार की घोषणा, लॉलीपॉप देना जैसा वर्तमान एमएलसी पर निशाना साधते हुए आदित्य झा ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर में अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई जगहों पर लाइब्रेरी के उद्घाटन किए जा रहे हैं। वर्ष 2026 में युवा मतदाता जागरूक हैं और पिछले छह वर्षों के काम का हिसाब मांग रहे हैं। प्रशांत किशोर ने दरभंगा में 10 हजार युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की, इसपर उन्होंने कहा कि यह युवाओं को “लॉलीपॉप” देने जैसा है।

