Sukhi Ghumman और पूर्व पत्नी ने US प्रत्यर्पण का किया विरोध, कैंसर दवा घोटाले का है मामला

Sukhi Ghumman और पूर्व पत्नी ने US प्रत्यर्पण का किया विरोध, कैंसर दवा घोटाले का है मामला

(अदिति खन्ना)
लंदन, चार अक्टूबर भारतीय मूल के एक ब्रिटिश कारोबारी और उसकी पूर्व पत्नी अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने का विरोध कर रहे हैं। दंपति पर कैंसर की ऐसी दवाओं के जरिये अमेरिकी स्वास्थ्य योजनाओं से लाखों डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिन्हें अमेरिका की संघीय एजेंसी ने मंजूरी नहीं दी थी। मौजूदा समय में ब्रिटेन में रहने वाले सुखी घुम्मण(48) और किरनजीत घुम्मण (48) पिछले सप्ताह लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में प्रत्यर्पण की सुनवाई के लिए पेश हुए।

मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद दोनों का तलाक हो चुका है और उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया। अमेरिका में दोनों के खिलाफ दवाओं की तस्करी का एक अन्य आरोप भी हैं और इन मामलों में भी उन पर मुकदमा चलाया जाना है। जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2023 में सैन डिएगो स्थित कैलिफोर्निया के दक्षिणी जिले की जिला अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया था।

अमेरिकी सरकार की ओर से पैरवी कर रहे बैरिस्टर पीटर कैल्डवेल केसी ने कहा कि सितंबर 2019 से अप्रैल 2023 के बीच हुई जांच में पाया गया कि दंपति ने अमेरिका में मेडिकेयर और अन्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से धोखाधड़ी कर लाखों डॉलर प्राप्त किए। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि घुमन दंपति ने विदेशों से सस्ती और ऐसी कीमोथेरेपी तथा अन्य दवाएं खरीदीं, जिन्हें अमेरिका में मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बाद कैलिफोर्निया और एरिजोना में उनके नियंत्रण वाले कैंसर उपचार केंद्रों में इन दवाओं का मरीजों पर इस्तेमाल किया गया।

जांचकर्ताओं ने यह भी कहा कि कुछ दवाएं इस्तेमाल की अवधि समाप्त होने के बाद की थीं। अमेरिका के प्रत्यर्पण अनुरोध में एक अलग मामले का भी उल्लेख है। दंपति पर आरोप है कि उनके एक कैंसर उपचार केंद्र ने अमेरिकी मेडिकल थोक विक्रेताओं से अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से मंजूर दवाएं खरीदीं और उचित लाइसेंस के बिना उन्हें दोबारा बेच दिया।

अदालत को बताया गया कि कथित अपराध उस समय हुए जब दोनों अमेरिका में रह रहे थे। दोषी पाए जाने पर दवाओं की तस्करी के आरोप में अधिकतम 20 साल की जेल की सजा हो सकती है। बचाव पक्ष ने मानवाधिकारों के आधार पर आरोपों और अमेरिका प्रत्यर्पण का विरोध किया।

अदालत इस मामले में बाद में अपना फैसला सुनाएगी।

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