रसोई में 14 फीट लंबा अजगर देख महिला घबराई:25 किलो वजनी अजगर को रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में छोड़ा गया

रसोई में 14 फीट लंबा अजगर देख महिला घबराई:25 किलो वजनी अजगर को रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में छोड़ा गया

इटावा के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पोस्टमार्टम हाउस के पीछे स्थित धर्म नगर कॉलोनी में शनिवार रात करीब 9 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब रसोई में काम कर रही महिला ने स्लैब के सबसे ऊपर 14 फीट लंबे अजगर को बैठा देखा। अजगर को देखकर महिला घबरा गई और चीखते हुए रसोई से बाहर निकल आई। इसके बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। सूचना मिलने के बाद वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब 14 फीट लंबे और 25 किलो वजनी अजगर को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। अजगर को देखकर घबराई गृहणी पूनम ने बताया कि घर की रसोई में इतना बड़ा अजगर देखकर वह बेहद डर गई थीं। वह चीखते हुए बाहर भागीं और मोहल्ले के लोगों को बुलाया। सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी के रेस्क्यू करने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि अब वह, उनके बच्चे और मोहल्ले के लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गैंग्रीन की समस्या हो सकती है सर्पदंश विशेषज्ञ डॉ आशीष त्रिपाठी ने बताया कि रेस्क्यू किया गया अजगर पायथन मोलुरस प्रजाति का विषहीन सर्प था। उन्होंने बताया कि इस प्रजाति में विष नहीं होता है, लेकिन इसके काटने से त्वचा में गंभीर संक्रमण और गैंग्रीन की समस्या हो सकती है। डॉ आशीष त्रिपाठी ने बताया कि अजगर को सामाजिक वानिकी विभाग इटावा के दिशा-निर्देशन में सुरक्षित तरीके से फिशर वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्राणी है। इसे मारने या नुकसान पहुंचाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। डॉ आशीष त्रिपाठी ने बताया कि संस्था ओशन की ओर से पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के साथ चलाए जा रहे सर्पदंश जागरूकता अभियान का जनपद में असर दिखाई दे रहा है। अब लोग वन्यजीवों को मारने के बजाय हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे रहे हैं। सर्पदंश की स्थिति में लोग जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कमरा नंबर तीन पहुंचकर इलाज भी करा रहे हैं।

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