पुणे MLC सीट को लेकर महायुति में घमासान, NCP नेता ने कहा- यह हमारी सीट, भाजपा को नहीं देंगे

पुणे MLC सीट को लेकर महायुति में घमासान, NCP नेता ने कहा- यह हमारी सीट, भाजपा को नहीं देंगे

Pune Graduate Constituency: महाराष्ट्र में विधान परिषद की आगामी चुनावी तैयारियों के बीच पक्ष-विपक्ष में सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रतिष्ठित माने जाने वाले पुणे शिक्षक और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर महायुति के घटक दलों भाजपा (BJP), शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और सुनेत्रा पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। वरिष्ठ स्तर पर हुई चर्चा के बाद पुणे शिक्षक और पुणे स्नातक दोनों सीटें भाजपा के खाते में जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस फैसले के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस ने पुणे स्नातक सीट पर अपना दावा कायम रखा है।

पूर्व विधायक बोले- पुणे सीट राष्ट्रवादी की

एनसीपी के पूर्व विधायक सुनील टिंगरे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट कहा कि पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस की है और पार्टी ही इस सीट से चुनाव लड़ेगी। टिंगरे ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद यह पहला चुनाव है। ऐसे में महायुति के नेताओं को पुणे स्नातक सीट एनसीपी के लिए छोड़नी चाहिए।

महायुति में सीटों का संभावित बंटवारा

विधान परिषद के आगामी चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महायुति में सीटों के बंटवारे का जो फार्मूला सामने आया है, उसके मुताबिक पुणे शिक्षक, पुणे स्नातक और नागपुर स्नातक सीट बीजेपी के हिस्से में जाने की चर्चा है।

वहीं, अमरावती सीट शिवसेना (शिंदे गुट) और छत्रपति संभाजीनगर सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस (सुनेत्रा पवार गुट) को मिलने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, पुणे स्नातक सीट को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस के दावे ने महायुति के भीतर सीट बंटवारे को लेकर नया पेच पैदा कर दिया है।

भैय्या माने ने भी किया बगावत का ऐलान

पुणे स्नातक सीट को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस के भीतर भी नाराजगी सामने आई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के नेता प्रताप उर्फ भैय्या माने ने कथित तौर पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

बताया जा रहा है कि पुणे स्नातक सीट बीजेपी के खाते में जाने की खबर से भैय्या माने नाराज हैं। वह इस सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता व मंत्री हसन मुश्रीफ से मुलाकात कर अपनी भूमिका स्पष्ट की।

मुलाकात के बाद हसन मुश्रीफ ने महायुति के गठबंधन धर्म के तहत बीजेपी के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि उनका भैय्या माने से संबंध खत्म हो गए।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस के सुनील टिंगरे ने पार्टी की ओर से सीट पर दावा जताया है, वहीं भैय्या माने के निर्दलीय मैदान में उतरने की बात सामने आ रही है। अब महायुति के भीतर इस सीट को लेकर अंतिम फैसला क्या होता है, इस पर सभी की नजर है।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना

महाराष्ट्र विधान परिषद की तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों, यानी कुल पांच सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें नागपुर, पुणे और औरंगाबाद संभाग के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा अमरावती और पुणे संभाग के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।

नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

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