कटिहार शहर के मछली बाजार में मछलियों को रंग लगाकर ताजा दिखाने के आरोप का मामला सामने आया है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो बनाने वाले संतोष का आरोप है कि मिर्चईबारी स्टेट बैंक के सामने स्थित बाजार में एक महिला विक्रेता मछलियों को रंग से भरी बाल्टी में डुबोकर बेच रही थी। उन्होंने इसका वीडियो और फोटो बनाया तो विक्रेता ने कथित तौर पर उनके साथ बदतमीजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बाल्टी में डुबोकर मछली को रंगने का आरोप संतोष के मुताबिक, उन्होंने महिला विक्रेता को मछली को रंग के घोल में डुबोते हुए देखा। उनका दावा है कि मछली को रंगने का उद्देश्य उसे ताजा और आकर्षक दिखाना था। वीडियो सामने आने के बाद बाजार में बिक रही मछलियों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कतली को लोकल बताकर बेचने का आरोप आरोप है कि बाहर से लाई गई कतली जैसी मछली पर रंग लगाया जा रहा था और उसे स्थानीय मछली बताकर बेचा जा रहा था। हालांकि, मछली में किस तरह का रंग इस्तेमाल किया गया और वह स्वास्थ्य के लिए कितना नुकसानदायक है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पहले परिवार के पांच लोगों के बीमार होने का दावा वीडियो बनाने वाले संतोष ने बताया कि कुछ महीने पहले उनके परिवार के पांच सदस्य मछली खाने के बाद फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल से कटिहार रेफर किया गया था, जहां तीन-चार दिनों तक इलाज चला था। संतोष ने इसी अनुभव के बाद मछली की बिक्री को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई मामला सामने आने के बाद जिला मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम गठित कर बाजार में जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कटिहार शहर के मछली बाजार में मछलियों को रंग लगाकर ताजा दिखाने के आरोप का मामला सामने आया है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो बनाने वाले संतोष का आरोप है कि मिर्चईबारी स्टेट बैंक के सामने स्थित बाजार में एक महिला विक्रेता मछलियों को रंग से भरी बाल्टी में डुबोकर बेच रही थी। उन्होंने इसका वीडियो और फोटो बनाया तो विक्रेता ने कथित तौर पर उनके साथ बदतमीजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बाल्टी में डुबोकर मछली को रंगने का आरोप संतोष के मुताबिक, उन्होंने महिला विक्रेता को मछली को रंग के घोल में डुबोते हुए देखा। उनका दावा है कि मछली को रंगने का उद्देश्य उसे ताजा और आकर्षक दिखाना था। वीडियो सामने आने के बाद बाजार में बिक रही मछलियों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कतली को लोकल बताकर बेचने का आरोप आरोप है कि बाहर से लाई गई कतली जैसी मछली पर रंग लगाया जा रहा था और उसे स्थानीय मछली बताकर बेचा जा रहा था। हालांकि, मछली में किस तरह का रंग इस्तेमाल किया गया और वह स्वास्थ्य के लिए कितना नुकसानदायक है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पहले परिवार के पांच लोगों के बीमार होने का दावा वीडियो बनाने वाले संतोष ने बताया कि कुछ महीने पहले उनके परिवार के पांच सदस्य मछली खाने के बाद फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल से कटिहार रेफर किया गया था, जहां तीन-चार दिनों तक इलाज चला था। संतोष ने इसी अनुभव के बाद मछली की बिक्री को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई मामला सामने आने के बाद जिला मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम गठित कर बाजार में जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

