झज्जर में बाजरा खरीद के दौरान गेट पास जारी नहीं होने को लेकर झज्जर अनाज मंडी के पूर्व प्रधान एवं हरेन्द्र ट्रेडिंग कंपनी के संचालक हरेन्द्र सिलाना धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने मार्केट कमेटी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, हठधर्मिता और किसानों को जानबूझकर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। हरेन्द्र सिलाना ने कहा कि जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। हरेन्द्र सिलाना के अनुसार, मंडी में करीब 30 से 35 हजार क्विंटल बाजरा पहुंच चुका है, जबकि करीब 10 हजार क्विंटल बाजरे के ही गेट पास काटे गए हैं। उनका कहना है कि गेट पास जारी नहीं होने के कारण किसानों को सरकार की बाजरा खरीद योजना का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप हरेन्द्र सिलाना ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण किसानों को फसल बेचने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की फसल खरीद के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन मंडी स्तर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली के चलते किसानों को इनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान होने तक वह धरने से नहीं उठेंगे और भूख हड़ताल जारी रखेंगे। मार्केट कमेटी बोली- दो फर्म जांच के चलते होल्ड वहीं, मार्केट कमेटी सचिव कुलदीप जाखड़ ने बताया कि मंडी की दो फर्मों को फिलहाल जांच के लिए होल्ड पर रखा गया है। इनमें हरेन्द्र ट्रेडिंग कंपनी भी शामिल है। सचिव के अनुसार, दोनों फर्मों के संबंध में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित फर्मों को नोटिस जारी किए जाएंगे। कुलदीप जाखड़ ने बताया कि जांच के दौरान एक ही ट्रैक्टर से अलग-अलग गेट पर जाकर गेट पास कटवाने का मामला सामने आया है। इसी तरह की अनियमितताओं की जांच के चलते दोनों फर्मों को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। सचिव का दावा- अब तक 15 हजार क्विंटल के गेट पास जारी मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि अब तक मंडी में करीब 15 हजार क्विंटल बाजरे के गेट पास जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है और जिन फर्मों के संबंध में अनियमितताएं सामने आई हैं, उनकी जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में पूर्व मंडी प्रधान हरेन्द्र सिलाना किसानों की परेशानी के लिए मार्केट कमेटी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि मार्केट कमेटी का कहना है कि दो फर्मों को अनियमितताओं की जांच के चलते होल्ड किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की स्थिति स्पष्ट होगी।

