जिले में इस वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लौरिया प्रखंड में सिकरहना और योगापट्टी प्रखंड में गंडक नदियों के उफान से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इसको लेकर लौरिया विधायक विनय बिहारी ने कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से मिलकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और प्रक्रिया में ढील देने की मांग की है। विधायक ने पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान एक गंभीर व्यावहारिक समस्या की ओर आकर्षित किया है। कहा कि लौरिया विधानसभा क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत किसान भूमि मालिकों से हुंडा या बटाई व्यवस्था पर जमीन लेकर खेती करते हैं। मौजूदा सरकारी नियमों और आपदा राहत पोर्टल के मानकों के अनुसार, जमीन का मालिकाना हक नहीं होने के कारण इन वास्तविक किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा। फसल क्षति के पारदर्शी आकलन और आवेदन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विधायक ने विभागीय निर्देश जारी करने की अपील की है। जिले में इस वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लौरिया प्रखंड में सिकरहना और योगापट्टी प्रखंड में गंडक नदियों के उफान से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इसको लेकर लौरिया विधायक विनय बिहारी ने कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से मिलकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और प्रक्रिया में ढील देने की मांग की है। विधायक ने पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान एक गंभीर व्यावहारिक समस्या की ओर आकर्षित किया है। कहा कि लौरिया विधानसभा क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत किसान भूमि मालिकों से हुंडा या बटाई व्यवस्था पर जमीन लेकर खेती करते हैं। मौजूदा सरकारी नियमों और आपदा राहत पोर्टल के मानकों के अनुसार, जमीन का मालिकाना हक नहीं होने के कारण इन वास्तविक किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा। फसल क्षति के पारदर्शी आकलन और आवेदन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विधायक ने विभागीय निर्देश जारी करने की अपील की है।

