इटावा शहर के सिविल लाइन क्षेत्र के राहतपुरा के पास इटावा-मैनपुरी डाउन रेलवे ट्रैक पर बीते बुधवार रात करीब 8 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्र रोहन श्रीवास्तव और छात्रा नगमा मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे में रोहन (19) की मौत हो गई, जबकि नगमा (18) गंभीर रूप से घायल हो गई। नगमा का उपचार सैफई पीजीआई में चल रहा है। गुरुवार शाम 4 बजे भरथना में रोहन का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि नगमा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। पुलिस पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के राहतपुरा गांव के पास हुई। राहतपुरा रेलवे फाटक से करीब 250 मीटर दूर मैनपुरी-इटावा रेलवे ट्रैक पर बुधवार रात पुलिस को एक युवक और युवती के ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिली। इसके बाद आरपीएफ और सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने रोहन श्रीवास्तव का मेडिकल परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। वहीं नगमा की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे सैफई पीजीआई रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार रोहन भरथना निवासी संजीव श्रीवास्तव का पुत्र था। नगमा औरैया जिले की रहने वाली है और पिछले डेढ़ साल से राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही है। ट्रैक पर मिली दोनों की चप्पल गुरुवार को छात्रों की चप्पलें ट्रैक के पास पड़ी मिलीं। रोहन के गले की रुद्राक्ष की माला भी रेलवे ट्रैक पर पड़ी दिखाई दी। दोनों ही तस्वीरें रोहन के पिता ने देखकर इसकी पुष्टि की यह चप्पल और माला रोहन की है। पुलिस ने दोनों छात्रों के मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन को पुलिस जांच में अहम कड़ी मान रही है। गार्ड और ड्राइवर ने दी सूचना पुलिस के मुताबिक मालगाड़ी के गार्ड और ड्राइवर ने आरपीएफ को लिखित सूचना दी है। इसमें बताया गया कि एक व्यक्ति ट्रैक के बीच में और दूसरा ट्रैक के किनारे बैठा था। मालगाड़ी के चालक ने दो-तीन बार हॉर्न दिया, लेकिन दोनों वहां से नहीं हटे। इसके बाद दोनों मालगाड़ी की चपेट में आ गए। घटना के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों छात्र रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे और वहां किस वजह से मौजूद थे। गुरुवार सुबह सिविल लाइन पुलिस और आरपीएफ की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस हादसा और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। छात्रा के पूरी तरह होश में आने के बाद उसके बयान से घटना की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। शाम साढ़े छह बजे निकली थी नगमा राजकीय पॉलिटेक्निक की प्रिंसिपल मनीषा अस्थाना ने बताया कि दोनों छात्र पढ़ाई में अच्छे थे और कॉलेज के हर काम समय से करते थे। कॉलेज में दोनों के बीच प्रेम प्रसंग जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। प्रिंसिपल के मुताबिक नगमा बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे छात्रावास के रजिस्टर में बाजार जाने की एंट्री करके निकली थी। वह आमतौर पर शाम को बाजार जाकर वापस आ जाती थी। फोन नहीं उठने पर दी सूचना प्रिंसिपल ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे तक नगमा वापस नहीं आई तो उसे फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बाद में रेलवे ट्रैक पर नगमा और रोहन के घायल अवस्था में मिलने की जानकारी सामने आई। नगमा के परिजन फिलहाल इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पिता ने जताया हत्या का शक रोहन के पिता सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बेटे का शव मिला। पुलिस ने उन्हें बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से हादसा हुआ है। हालांकि, बेटे के शरीर पर मिले घाव देखकर उन्हें हत्या का शक है। उन्होंने बताया कि एक रिश्तेदार ने रोहन के मोबाइल पर फोन किया था। फोन किसी अंजान व्यक्ति ने उठाया और सिर्फ इतना बताया कि एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद वह किसी से कह रहा था कि लड़ो मत, लड़ो मत और फिर फोन काट दिया। पिता ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि रोहन के साथ उस समय कौन था और लड़की कौन थी। पुलिस अब इस कॉल और मोबाइल फोन से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस को छात्रा के बयान का इंतजार इस पूरे मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों छात्र रेलवे ट्रैक पर क्यों पहुंचे थे। घटनास्थल से मिले दोनों के मोबाइल फोन और मालगाड़ी के चालक व गार्ड के बयान को जांच में शामिल किया जा रहा है। छात्रा नगमा के होश में आने और उसके बयान के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

