गयाजी में पितृपक्ष मेले में टेंपो स्टैंड वसूली पर विवाद:ठेकेदारों का आरोप- पुलिस सामान्य वाहनों से भी वसूली रोक रही, रोज 35 हजार का नुकसान

गयाजी में पितृपक्ष मेले में टेंपो स्टैंड वसूली पर विवाद:ठेकेदारों का आरोप- पुलिस सामान्य वाहनों से भी वसूली रोक रही, रोज 35 हजार का नुकसान

गया में पितृपक्ष मेले के दौरान टेंपो स्टैंड की वसूली पर विवाद बढ़ गया है। चौक और जिला स्कूल पूर्वी-पश्चिमी गेट टेंपो स्टैंड के ठेकेदारों ने पुलिस पर कलेक्शन रोकने और कर्मियों से बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्हें रोज 35 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। ठेकेदार जय सिंह ने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने तीर्थयात्रियों के वाहनों से शुल्क न लेने को कहा है, पर पुलिस सामान्य वाहनों से भी वसूली रोक रही है। नगर निगम ने 29 सितंबर को पत्र जारी कर निर्देश दिया था नगर निगम गया ने 29 सितंबर को पत्र जारी कर ठेकेदारों को पितृपक्ष मेला अवधि में तीर्थयात्रियों से वसूली न करने का निर्देश दिया था। अपनी तय सीमा में अन्य वाहनों से शुल्क लेने को भी कहा गया था। ठेकेदार अनिल कुमार सिंह और जय सिंह ने कहा कि वे सरकार को बड़ी रकम राजस्व के तौर पर देते हैं। उन्होंने प्रशासन से सामान्य वाहनों से वसूली की जगह साफ करने को कहा है, क्योंकि उनका स्टैंड मुख्य सड़क पर है। रोजाना करीब 35 हजार रुपये नुकसान का दावा बंदोबस्तधारियों ने दावा किया कि चौक टेंपो स्टैंड से करीब 25 हजार रुपये और जिला स्कूल क्षेत्र से करीब 10 हजार रुपये प्रतिदिन की वसूली प्रभावित हो रही है। इस हिसाब से मेला अवधि में लाखों रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस नुकसान के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चौक टेंपो स्टैंड के बंदोबस्तधारी जय सिंह ने भी प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी है। उनका कहना है कि उनके नाम पर चौक टेंपो स्टेशन की बंदोबस्ती है। आरोप है कि पुलिसकर्मी स्टैंड पर पहुंचकर कलेक्शन रोकने की बात कहते हैं और कार्रवाई की धमकी देते हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन को वसूली पर रोक लगानी है तो उसका स्पष्ट लिखित आदेश दिया जाए। नगर निगम के आदेश को लेकर भी खींचतान बंदोबस्तधारियों का कहना है कि नगर निगम के नगर आयुक्त की ओर से लिखित आदेश जारी किया गया है, लेकिन स्थानीय पुलिस स्तर पर उसे लेकर अलग स्थिति बताई जा रही है। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी या वरीय पुलिस अधिकारी के स्तर से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही स्थिति बदलेगी। वहीं, नगर निगम के पत्र में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और जिला नियंत्रण कक्ष को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिलिपि भेजी गई है। आंदोलन की चेतावनी बंदोबस्तधारियों ने कहा कि उनकी मांग तीर्थयात्रियों से शुल्क वसूलने की नहीं है। वे नगर निगम के निर्देश के अनुसार तीर्थयात्रियों के वाहनों से राशि नहीं लेने की बात कह रहे हैं। उनकी मांग सामान्य वाहनों से निर्धारित शुल्क की वसूली को लेकर स्पष्टता और बंदोबस्ती की राशि में नुकसान के अनुरूप राहत देने की है। गया में पितृपक्ष मेले के दौरान टेंपो स्टैंड की वसूली पर विवाद बढ़ गया है। चौक और जिला स्कूल पूर्वी-पश्चिमी गेट टेंपो स्टैंड के ठेकेदारों ने पुलिस पर कलेक्शन रोकने और कर्मियों से बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्हें रोज 35 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। ठेकेदार जय सिंह ने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने तीर्थयात्रियों के वाहनों से शुल्क न लेने को कहा है, पर पुलिस सामान्य वाहनों से भी वसूली रोक रही है। नगर निगम ने 29 सितंबर को पत्र जारी कर निर्देश दिया था नगर निगम गया ने 29 सितंबर को पत्र जारी कर ठेकेदारों को पितृपक्ष मेला अवधि में तीर्थयात्रियों से वसूली न करने का निर्देश दिया था। अपनी तय सीमा में अन्य वाहनों से शुल्क लेने को भी कहा गया था। ठेकेदार अनिल कुमार सिंह और जय सिंह ने कहा कि वे सरकार को बड़ी रकम राजस्व के तौर पर देते हैं। उन्होंने प्रशासन से सामान्य वाहनों से वसूली की जगह साफ करने को कहा है, क्योंकि उनका स्टैंड मुख्य सड़क पर है। रोजाना करीब 35 हजार रुपये नुकसान का दावा बंदोबस्तधारियों ने दावा किया कि चौक टेंपो स्टैंड से करीब 25 हजार रुपये और जिला स्कूल क्षेत्र से करीब 10 हजार रुपये प्रतिदिन की वसूली प्रभावित हो रही है। इस हिसाब से मेला अवधि में लाखों रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस नुकसान के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चौक टेंपो स्टैंड के बंदोबस्तधारी जय सिंह ने भी प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी है। उनका कहना है कि उनके नाम पर चौक टेंपो स्टेशन की बंदोबस्ती है। आरोप है कि पुलिसकर्मी स्टैंड पर पहुंचकर कलेक्शन रोकने की बात कहते हैं और कार्रवाई की धमकी देते हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन को वसूली पर रोक लगानी है तो उसका स्पष्ट लिखित आदेश दिया जाए। नगर निगम के आदेश को लेकर भी खींचतान बंदोबस्तधारियों का कहना है कि नगर निगम के नगर आयुक्त की ओर से लिखित आदेश जारी किया गया है, लेकिन स्थानीय पुलिस स्तर पर उसे लेकर अलग स्थिति बताई जा रही है। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी या वरीय पुलिस अधिकारी के स्तर से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही स्थिति बदलेगी। वहीं, नगर निगम के पत्र में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और जिला नियंत्रण कक्ष को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिलिपि भेजी गई है। आंदोलन की चेतावनी बंदोबस्तधारियों ने कहा कि उनकी मांग तीर्थयात्रियों से शुल्क वसूलने की नहीं है। वे नगर निगम के निर्देश के अनुसार तीर्थयात्रियों के वाहनों से राशि नहीं लेने की बात कह रहे हैं। उनकी मांग सामान्य वाहनों से निर्धारित शुल्क की वसूली को लेकर स्पष्टता और बंदोबस्ती की राशि में नुकसान के अनुरूप राहत देने की है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *